नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति न सिर्फ बिजलीचालित वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन देती है, बल्कि परिवहन क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों के लिए एक खाका भी तैयार करती है।
अधिकारियों के अनुसार, ईवी नीति 2026 को मंगलवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंज़ूरी दी, जिसके बाद परिवहन विभाग इस नीति को अधिसूचित करेगा और एक अलग पोर्टल शुरू करेगा।
गुप्ता ने कहा, “ यह नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मार्च, 2030 तक के स्पष्ट रूपरेखा के साथ परिवहन व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव, चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और विभिन्न वाहन श्रेणियों के चरणबद्ध विद्युतीकरण का व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।”
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती नीति मुख्य रूप से प्रोत्साहन आधारित थी और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाना पूरी तरह स्वैच्छिक था जबकि नई सरकार ने इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए प्रोत्साहनों के साथ विभिन्न वाहन श्रेणियों के लिए चरणबद्ध अनिवार्य विद्युतीकरण का स्पष्ट कार्यक्रम तैयार किया है, जिससे इलेक्ट्रिक परिवहन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 30,000 रुपये तक का खरीद प्रोत्साहन जारी रखा गया है। इसके साथ पहली बार पुराने वाहन को कबाड़ कराने पर 10,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “इतना ही नहीं, एक अप्रैल, 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में किया जाएगा। तिपहिया वाहनों के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। जहां पहले खरीद प्रोत्साहन 30,000 रुपये तक था, वहीं नई नीति में इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये तक कर दिया गया है। ”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति के तहत संस्थागत ढांचे को भी मजबूत किया गया है।
गुप्ता ने कहा, पिछली नीति में केवल एक ईवी सेल और राज्य ईवी बोर्ड था, नए ढांचे में दिल्ली ईवी एपेक्स समिति, एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति और एक समर्पित ईवी सेल शामिल है।
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