नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) सरकार ने एक जुलाई से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए जाने वाले अप्रत्याशित लाभ कर में बदलाव किया है। इसके तहत डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर कर घटाया गया है, जबकि पेट्रोल पर अप्रत्याशित लाभ कर में बढ़ोतरी की गई है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले 14 रुपये प्रति लीटर था। वहीं, एटीएफ पर शुल्क 12.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
इसके विपरीत, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 1.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर चार रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
यह संशोधित दरें एक जुलाई से लागू होंगी।
सरकार ने मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर यह विशेष कर लगाया था और तब से हर पखवाड़े इसकी समीक्षा की जा रही है। शुरुआत में डीजल और एटीएफ पर शुल्क लगाया गया था, जबकि मई में पेट्रोल पर भी यह लागू किया गया।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले निर्यात पर पहले दी गई छूट को अब मॉरीशस और मालदीव तक बढ़ा दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कर घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान निर्यात से अनुचित लाभ कमाने से रोकने के लिए लगाया गया है।
भाषा योगेश अजय
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