मारुति की सफलता को अन्य उद्योगों में भी दोहराने की जरूरत : चेयरमैन

मारुति की सफलता को अन्य उद्योगों में भी दोहराने की जरूरत : चेयरमैन

मारुति की सफलता को अन्य उद्योगों में भी दोहराने की जरूरत : चेयरमैन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:43 pm IST
Published Date: August 25, 2022 8:14 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) देश की प्रमुख वाहन कंपनी मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा है कि कंपनी की सफलता को अन्य उद्योगों में भी दोहराने की जरूरत है।

मारुति को देश में परिचालन के 40 वर्ष पूरे होने जा रहे है। इसे लेकर भार्गव ने कहा कि मारुति सुजुकी इंडिया ने देश के मोटर वाहन उद्योग और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो अब वैश्विक बाजारों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि समग्र विनिर्माण क्षेत्र में भारत की गिनती विश्व में आमतौर पर नीचे होती है। हालांकि, वाहन क्षेत्र में भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा कार विनिर्माता है।

उन्होंने कहा कि भारत के कलपुर्जा उद्योग ने पिछले वर्ष 19 अरब डॉलर की वस्तुओं का निर्यात किया है।

भार्गव ने सवाल करते कहा, ‘‘ऐसा कैसे है कि जिसका विशेषज्ञों ने विफल होने का अनुमान लगाया था, वो सबसे सफल कंपनियों में से एक बन गई है? मुझे लगता है यह जानना महत्वपूर्ण है कि जो कुछ नहीं होना चाहिए था वह क्यों हुआ। यह अगर मारुति के साथ हो सकता है तो अन्य उद्योगों में क्यों नहीं हो सकता? यह वहीं देश और लोग हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत के लोगों की आकांक्षाओं को समझने की योग्यता, भागीदारों, प्रबंधन, श्रमिकों और अन्य हितधारकों के बीच विश्वास की जापानी प्रबंधन प्रणाली से मारुति ने सफलता हासिल की।

उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘‘हमें पता है कि मारुति कैसे और क्यों शुरू हुई। यह एक दुर्घटना थी। यह सरकार की ओर से एक सुनियोजित कदम नहीं था कि हमें भारत में एक कार उद्योग विकसित करने की आवश्यकता है, जो अर्थव्यवस्था, नौकरियों के लिए अच्छा हो, ऐसा कुछ भी नहीं था।’’

उल्लेखनीय है कि मारुति सुजुकी देश की सबसे बड़ी वाहन विनिर्माता कंपनी है और इसका घरेलू यात्री वाहन बाजार में 43 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी है।

भाषा जतिन अजय

अजय


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