मायसन ने टाटा क्लीनटेक कैपिटल से 15 करोड़ रुपये जुटाये

मायसन ने टाटा क्लीनटेक कैपिटल से 15 करोड़ रुपये जुटाये

मायसन ने टाटा क्लीनटेक कैपिटल से 15 करोड़ रुपये जुटाये
Modified Date: November 29, 2022 / 08:03 pm IST
Published Date: July 21, 2021 8:16 am IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) छत के सौर ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी मायसन ने बुधवार को कहा कि उसने टाटा क्लीनटेक कैपिटल लिमिटेड (टीसीसीएल) से 15 करोड़ रुपये की ऋण पूंजी जुटाई है।

टीसीसीएल, टाटा कैपिटल लिमिटेड (टीसीएल) और इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन (आईएफसी) की संयुक्त उद्यम कंपनी है।

टीसीसीएल की बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

मायसन ने हाल ही में अपनी सौर संपत्ति कारोबार इकाई मायसन-प्लस की शुरुआत की है। कंपनी ने पहले चरण में 600 करोड़ रुपये का निवेश करते हुये वितरित और खुली पहुंच रखने वाले नमूने के तहत सौर परियोजनाओं को विकसित करने के वास्ते इस इकाई की शुरुआत की।

कंपनी के वक्तव्य में कहा गया है कि इस सावधिक ऋण का इस्तेमाल मायसन-प्लस की मौजूदा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये किया जायेगा वहीं रिण सुविधा का इस्तेमाल कंपनी की पाइपलाइन परियोजनाओं को विकसित करने के लिये किया जायेगा।

मायसन की उपस्थिति राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी सहित नौ राज्यों में है।

मायसन के संस्थापक और सीईओ गगन वेरमानी ने कहा, ‘‘हमारी नई शुरू की गई संपत्ति कारोबार इकाई मायसन-प्लस से हमें अच्छा प्रोत्साहन मिला है। टीसीसीएल से मिले इस वित्तपोषण से हमें अपनी इक्विटी पूंजी का लाभ उठाते हुये परियोजनाओं की बड़ी पाइपलाइन को विकसित करने में मदद मिलेगी। अगली कुछ तिमाहियों के दौरान हम 200 मेगावाट की परियोजनाओं को विकसित करने पर नजर रखे हुये हैं। ये परियोजनाओं विकास के विभिन्न स्तरों पर चल रही हैं।’’

वेरमानी ने इस बात को भी रेखांकित किया कि महामारी के बावजूद कंपनी को स्वच्छ और सस्ती सौर बिजली के लिये अच्छी मांग प्राप्त हो रही है।

हरित जलवायु कोष (जीसीएफ) के साथ भागीदारी करने वाली टीसीसीएल पहली निजी क्षेत्र की कंपनी है। इस भागीदारी के तहत टीसीसीएल 10 करोड़ डालर की ऋण सुविधा के तहत छतों पर सौर परियोजनाओं को विकसित करती है। मायसन द्वारा जुटाया गया यह सावधिक ऋण और ऋण सुविधा जीसीएफ सुविधा का ही हिस्सा है।

भाषा

महाबीर पाण्डेय

पाण्डेय


लेखक के बारे में