नवीन जिंदल समूह प्रस्तावित परमाणु परियोजनाओं के लिए अमेरिकी, फ्रांसीसी कंपनियों से कर रहा है वार्ता
नवीन जिंदल समूह प्रस्तावित परमाणु परियोजनाओं के लिए अमेरिकी, फ्रांसीसी कंपनियों से कर रहा है वार्ता
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) नवीन जिंदल समूह ने भारत में परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए वैश्विक परमाणु प्रौद्योगिकी कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी है। समूह फ्रांस की ईडीएफ और अमेरिका की वेस्टिंगहाउस समेत कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ प्रौद्योगिकी सहयोग की संभावनाएं तलाश रहा है।
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि भविष्य की परमाणु परियोजनाओं के लिए समूह सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के साथ भी चर्चा कर रहा है। बातचीत का उद्देश्य 700 मेगावाट और उससे अधिक क्षमता वाले बड़े मॉड्यूलर रिएक्टर (एलएमआर) की प्रौद्योगिकी हासिल करने की संभावनाओं का मूल्यांकन करना है।
इस्पात से बंदरगाह क्षेत्र में कार्यरत नवीन जिंदल समूह की योजना देश के विभिन्न राज्यों में करीब 18 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने की है। इस पर अनुमानित रूप से दो लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पहल केंद्र सरकार के वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य में योगदान देगी।
समूह नौ से अधिक राज्यों में संभावित स्थलों का आकलन कर रहा है। इनमें गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य शामिल हैं। परियोजनाओं में 700 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले बड़े रिएक्टर को शामिल करने की योजना है।
प्रौद्योगिकी विकल्पों के रूप में समूह ईडीएफ के 1,650 मेगावाट क्षमता वाले यूरोपियन प्रेशराइज्ड रिएक्टर (ईपीआर), वेस्टिंगहाउस के 1,150 मेगावाट क्षमता वाले एपी 1000 रिएक्टर और एनपीसीआईएल की स्वदेशी 700 मेगावाट क्षमता वाली प्रेसराइज्ड हेवी वॉटर रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) प्रौद्योगिकी सहित अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।
समूह अंतिम प्रौद्योगिकी का चयन सुरक्षा मानकों, विस्तार की क्षमता, व्यावसायिक व्यवहार्यता और लंबे समय तक परिचालन की क्षमता के आधार पर करेगा।
सरकार की ओर से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए किए गए कानूनी बदलावों के बाद नवीन जिंदल समूह उन चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों में शामिल हो गया है, जिन्होंने इस क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की है।
नवीन जिंदल समूह की अनुषंगी कंपनी जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड इस योजना को आगे बढ़ा रही है। इसके अलावा टाटा पावर और एनटीपीसी जैसी कंपनियां भी वर्ष 2047 तक देश में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की योजनाओं पर काम कर रही हैं। भाषा अजय अजय योगेश
योगेश

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