नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेती ने बृहस्पतिवार को कहा कि सूचीबद्ध होने के बाद भी शेयर बाजार संचालन और कारोबारी इकाई के रूप में एनएसई की जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, दोनों जिम्मेदारियों के बीच टकराव की स्थिति में शेयर बाजार के हित से जुड़ी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
इंजेती ने एनएसई के बीएसई में सूचीबद्ध होने के मौके पर कहा कि संस्थान के तौर पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने पूंजी बाजार को बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह बाजार पहले अपेक्षाकृत छोटा था और कुछ विशेष लोगों तक सीमित था, जबकि आज यह देशभर में फैला एक जीवंत पूंजी बाजार है।
इससे पहले, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का शेयर बीएसई में 1,785 रुपये के निर्गम मूल्य से 0.84 प्रतिशत बढ़कर 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ।
यह सार्वजनिक निर्गम एनएसई के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ‘को-लोकेशन’ समेत नियामकीय अड़चनों के कारण एनएसई की सूचीबद्धता की योजना करीब एक दशक से अटकी हुई थी।
उन्होंने सूचीबद्धता के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘अक्सर इस बात पर चर्चा होती है कि शेयर बाजार जैसी किसी जनकेंद्रित इकाई को सूचीबद्ध किया जाना चाहिए या नहीं और क्या इससे सार्वजनिक हित तथा उससे जुड़े पक्षों के हितों के बीच टकराव पैदा हो सकता है। सतही तौर पर दोनों के बीच कुछ प्रतिस्पर्धा दिखाई दे सकती है, लेकिन गहराई से देखने पर दोनों हितों में पूरा तालमेल है।’’
इंजेती ने कहा कि एनएसई की दोहरी भूमिका है। एक ओर बाजार की पारदर्शिता और मजबूती बनाए रखना तथा जनहित की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर एक कारोबारी संस्था के रूप में अपने हितों को आगे बढ़ाना भी उसका दायित्व है।
उन्होंने कहा, ‘‘संस्थान के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन पर ध्यान देना और शेयरधारकों को प्रतिफल देना महत्वपूर्ण है। लेकिन यह बिल्कुल स्पष्ट है कि अगर दोनों जिम्मेदारियां आपस में टकराती हैं तो पहली जिम्मेदारी को प्राथमिकता मिलेगी।’’
इंजेती ने कहा, ‘‘जनहित की रक्षा किए बिना कारोबार नहीं किया जा सकता। अगर कोई कदम बाजार के लिए अच्छा नहीं है तो वह एनएसई के लिए भी अच्छा नहीं हो सकता। मेरा मानना है कि जिम्मेदार और टिकाऊ कारोबार की सोच के साथ एनएसई अभी विकास के एक नए चरण की शुरुआत में है।
एनएसई का 22,569 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम सोमवार को बोली के अंतिम दिन करीब छह गुना अभिदान के साथ बंद हुआ था।
यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम था। इससे पहले 2024 में हुंदै मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का निर्गम सबसे बड़ा था। एनएसई के निर्गम ने 2022 में भारतीय जीवन बीमा निगम के करीब 21,000 करोड़ रुपये के निर्गम को पीछे छोड़ दिया।
इंजेती ने कहा, ‘‘जनवरी में निर्गम की मंजूरी मिलने के बाद एनएसई जल्द-से-जल्द इसे लाना चाहता था, लेकिन बाद में बाजार की स्थिति अनुकूल नहीं रही। सबसे संतोषजनक बात यह रही कि बड़े आकार के निर्गम के बावजूद सभी श्रेणियों में अधिक अभिदान मिला और खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी मजबूत रही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्गम लाने के लिए यह सही समय है या नहीं, इसको लेकर भी कई बार सवाल उठे। लेकिन अंततः यह तय किया गया कि बाजार का मूल्यांकन उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कंपनी का वास्तविक मूल्य। अगर कंपनी में वास्तविक मूल्य है तो उसके लिए अच्छा या बुरा समय जैसी कोई बात नहीं है।’’
भाषा रमण अजय
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