जौनपुर (उप्र), 24 सितंबर (भाषा) वर्दी और पद की आड़ में जबरन वसूली और लूट के दो मामलों में जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने महज 24 घंटे में आरोपी दो पुलिसकर्मियों समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
वहीं, दो नामजद आरोपियों ने पुलिस दबिश के दबाव में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
इस मामले में सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पहला मामला थाना जलालपुर में 17 सितंबर को दर्ज हुआ था जिसमें संकीत सिंह, विकास और चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।
जलालपुर निवासी विजय राजभर के मुताबिक 15 सितंबर को संकीत सिंह पीड़ित को अपने साथ ले गया। वहां चार पहिया वाहन में पहले से मौजूद चार लोगों ने कथित तौर पर उसे जबरन वाहन में बैठाया और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद रुपये की मांग की गई।
आरोप है कि पीड़ित का मोबाइल छीनकर यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में करीब 2.15 लाख रुपये स्थानांतरित कराए गए।
दूसरा मामला सुरेरी थाने में 22 सितंबर को दर्ज हुआ जिसमें राजेंद्र दूबे निवासी फुलवरिया, थाना बड़ागांव, कमिश्नरेट वाराणसी को नामजद किया गया। सादे कपड़ों में मौजूद तीन-चार अज्ञात पुलिसकर्मियों और खाताधारक वंशनरायन गिरी को आरोपी बनाया गया।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को राजेंद्र दूबे ने उसे फोन करके मिलने के लिए बुलाया था। वहां सादे कपड़ों में मौजूद तीन-चार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे वाहन में बैठाकर सुरेरी थाने ले गए जहां करीब 1.65 लाख रुपये की वसूली की गई तथा यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में रकम स्थानांतरित कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन सुरेरी थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को 18 सितंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की।
एसआईटी की जांच में पुलिस के अनुसार घटना में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद 23 सितंबर को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में मनीष पटेल, निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह शामिल हैं।
इसी बीच पुलिस की लगातार दबिशों के बाद जलालपुर प्रकरण में वांछित बताए जा रहे संकीत पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह और विकास पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह ने 23 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
भाषा सं राजेंद्र मनीषा रंजन
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