नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक (सीजीपीडीटीएम) के कार्यालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को सूचित किया है कि ट्रेडमार्क आवेदनों के निपटान के लिए कोई निश्चित समयसीमा निर्धारित नहीं है और इस प्रक्रिया के लिए कोई समयबद्ध मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी नहीं है।
सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी के समक्ष ‘सूचना के अधिकार’ (आरटीआई) के तहत अपील की सुनवाई के दौरान यह जानकारी सामने आई। इस अपील में ट्रेडमार्क आपत्ति मामलों में देरी और प्रक्रियागत अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
सीआईसी के आदेश के मुताबिक, अपीलकर्ता ने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रतिवेदन दाखिल करने के बावजूद उसके मामले में 10 महीने से अधिक समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अन्य मामलों की सुनवाई कर उन्हें पहले अधिसूचित कर दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान सीजीपीडीटीएम ने कहा, “कार्यालय को बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं। ट्रेडमार्क आवेदनों के निपटान के लिए कोई निश्चित समयसीमा निर्धारित नहीं है। इस संबंध में समयसीमा के साथ कोई एसओपी भी मौजूद नहीं है।”
आरटीआई आवेदन में ट्रेडमार्क की आपत्तियों से जुड़े मामलों में प्रतिवेदन की सूचना देने में लगने वाले औसत समय, देरी के कारण, फाइल की स्थिति का ब्योरा और कथित प्रक्रियागत चूक पर किसी आंतरिक जांच की जानकारी मांगी गई थी।
आयोग ने पाया कि प्रतिवादी ने आवेदन में उठाए गए कुछ बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आयोग ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह संशोधित जवाब दे, जिसमें पिछले छह महीनों की औसत निपटान अवधि भी शामिल हो, जब अपीलकर्ता का मामला लंबित था।
सीआईसी ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित ई-फाइल रिकॉर्ड और नोटशीट उपलब्ध कराए जाएं, जिनमें आरटीआई अधिनियम की धारा 10 के तहत तीसरे पक्ष की जानकारी हटा दी जाए।
इसके अलावा, सीजीपीडीटीएम को यह हलफनामा दाखिल करने को कहा गया कि मांगी गई टिप्पणियों और फाइल आगे बढ़ने से संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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