बीते वित्त वर्ष में एचयूएल, डाबर में कर्मचारियों की संख्या घटी; टीसीपीएल में वेतनवृद्धि सबसे अधिक

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बीते वित्त वर्ष में एचयूएल, डाबर में कर्मचारियों की संख्या घटी; टीसीपीएल में वेतनवृद्धि सबसे अधिक

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 12:00 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 12:00 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) देश की प्रमुख रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में बीते वित्त वर्ष 2025-26 में मिला-जुला रुख देखने को मिलता है। इन कंपनियों की वार्षिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

बीते वित्त वर्ष में जहां हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) और डाबर इंडिया ने अपने स्थायी कर्मचारियों की संख्या घटाई, वहीं नेस्ले इंडिया, मैरिको और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) ने अपने कार्यबल का विस्तार किया।

वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इन कंपनियों में कर्मचारियों के वेतन में औसतन 6.08 प्रतिशत से 12.1 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। सबसे अधिक 12.1 प्रतिशत की वृद्धि टीसीपीएल ने की, जबकि एचयूएल में यह वृद्धि सबसे कम 6.08 प्रतिशत रही।

एचयूएल के स्थायी कर्मचारियों की संख्या 31 मार्च, 2026 तक घटकर 5,898 रह गई, जो एक वर्ष पहले 6,604 थी। यानी कंपनी के स्थायी कर्मचारियों की संख्या में 700 से अधिक की कमी आई। कंपनी में कर्मचारियों के औसत वेतन में 6.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह वृद्धि 8.39 प्रतिशत थी। हालांकि, प्रबंधन स्तर के कर्मचारियों को छोड़कर अन्य कर्मचारियों का औसत वेतन 6.85 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले वर्ष के 4.62 प्रतिशत से अधिक है।

घरेलू एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया के स्थायी कर्मचारियों की संख्या भी घटकर 4,770 रह गई, जो पिछले वर्ष 5,343 थी। इसके बावजूद कंपनी ने कर्मचारियों के औसत वेतन में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, जबकि 2024-25 में यह वृद्धि छह प्रतिशत थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि एफएमसीजी कंपनियां अब विनिर्माण, गोदाम, आपूर्ति श्रृंखला और बैक-ऑफिस संचालन में स्वचालन (ऑटोमेशन) पर अधिक निवेश कर रही हैं। डिजिटल उपकरण, कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित विश्लेषण, स्वचालित पैकेजिंग लाइन और एकीकृत ईआरपी प्रणालियों के इस्तेमाल से कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ अधिक उत्पादन और वितरण करने में सक्षम हो रही हैं।

नेस्ले इंडिया में कुल कर्मचारियों की संख्या मामूली बढ़कर 8,680 हो गई, जबकि स्थायी कर्मचारियों की संख्या 8,419 से घटकर 8,382 रह गई। कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन में औसतन 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

दूसरी ओर, मैरिको और टीसीपीएल ने अपने स्थायी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई। मैरिको के स्थायी कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 1,983 हो गई, जो एक वर्ष पहले 1,908 थी। कंपनी में कर्मचारियों का औसत वेतन 13,58,244 रुपये से बढ़कर 14,44,177 रुपये हो गया, जो 6.33 प्रतिशत की वृद्धि है।

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के स्थायी कर्मचारियों की संख्या 4,079 से बढ़कर 4,558 हो गई। कंपनी ने कर्मचारियों के औसत वेतन में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि की, जो इस समूह की कंपनियों में सबसे अधिक रही। हालांकि, यह वृद्धि पिछले वर्ष की 16.9 प्रतिशत बढ़ोतरी से कम रही।

उल्लेखनीय है कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 197(12) के तहत सभी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए प्रत्येक वित्त वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट में कर्मचारियों के औसत वेतन, उसमें हुई प्रतिशत वृद्धि और स्थायी कर्मचारियों की संख्या का खुलासा करना अनिवार्य है।

भाषा अजय अजय

अजय