ओपनएआई ने भारत के किशोरों के लिए पेश किया विशेष सुरक्षा खाका

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ओपनएआई ने भारत के किशोरों के लिए पेश किया विशेष सुरक्षा खाका

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 05:22 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 05:22 PM IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) ओपनएआई ने बुधवार को भारतीय किशोरों के लिए एक समर्पित सुरक्षा खाका पेश करते हुए कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद कृत्रिम मेधा (एआई) तक पहुंच ‘मेधा युग’ में बढ़ती पहली पीढ़ी का एक मौलिक अधिकार है।

कंपनी ने कहा कि नाबालिगों के लिए सुरक्षा को गोपनीयता और स्वतंत्रता पर प्राथमिकता दी जाएगी ताकि चैटजीपीटी की 15 वर्षीय किशोरों के साथ बातचीत वयस्कों के साथ होने वाली बातचीत से पूरी तरह अलग हो।

ओपनएआई का यह सुरक्षा खाका ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से कुछ ही दिन पहले पेश किया गया है।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में होगा और इसमें ओपनएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सैम ऑल्टमैन, एनवीआईडीआईए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जेंसन हुआंग, गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डारियो अमोदेई और क्वालकॉम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी क्रिस्टियानो अमोन सहित कई वैश्विक दिग्गज हिस्सा लेंगे।

‘टीन सेफ्टी ब्लूप्रिंट फॉर इंडिया’ यह दर्शाता है कि भारत की विशिष्ट डिजिटल स्थिति के कारण किशोरों की सुरक्षा के लिए एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

आरएटीआई फाउंडेशन की ‘आइडियल इंटरनेट रिपोर्ट 2024-25’ के अनुसार, भारत के 62 प्रतिशत किशोर ऐसे उपकरणों का उपयोग करते हैं जिन्हें कई लोग साझा करते हैं। ऐसे में पारंपरिक सुरक्षा उपाय, जो केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाए जाते हैं, प्रभावी नहीं रहते। इसलिए ओपनएआई किशोरों के डिजिटल अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए आयु-अनुकूल सुरक्षा सुविधाएं विकसित कर रहा है, जो परिवारों, स्कूलों और समुदायों की भूमिका के साथ मिलकर काम करेंगी।

भाषा योगेश अजय

अजय