भारतीय कंपनियों का विदेशों में इक्विटी निवेश मार्च में 27 प्रतिशत बढ़कर 1.46 अरब डॉलर

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भारतीय कंपनियों का विदेशों में इक्विटी निवेश मार्च में 27 प्रतिशत बढ़कर 1.46 अरब डॉलर

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 08:04 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 08:04 PM IST

मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि घरेलू कंपनियों का विदेशों में इक्विटी निवेश मार्च में मासिक आधार पर लगभग 27 प्रतिशत बढ़कर 1.46 अरब डॉलर रहा।

आरबीआई ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से पहले फरवरी में यह आंकड़ा 1.15 अरब डॉलर और मार्च, 2025 में यह 2.56 अरब डॉलर था।

इस साल मार्च में शीर्ष पांच कंपनियों का इक्विटी में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में लगभग आधा हिस्सा था। टाटा स्टील 44.4 करोड़ डॉलर के साथ सबसे आगे थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, टाटा स्टील के बाद एक्लैट हेल्थ सॉल्यूशंस इंडिया 9.88 करोड़ डॉलर, एस्पायर सिस्टम्स इंडिया (8.83 करोड़ डॉलर), नवशक्ति रिन्यूएबल्स (7.74 करोड़ डॉलर) और क्वालिटी केयर इंडिया (5.26 करोड़ डॉलर) का स्थान रहा।

आरबीआई के अनुसार, देशों के परिप्रेक्ष्य से देखें तो, मार्च तक के तीन महीनों में इक्विटी में विदेशी निवेश के मामले में सिंगापुर सबसे आगे रहा। उसे 41.4 करोड़ डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं, नीदरलैंड दूसरे स्थान पर रहा, जिसे भारतीय कंपनियों से 28.5 करोड़ डॉलर का इक्विटी निवेश मिला।

संयुक्त अरब अमीरात को चौथी तिमाही में 12.96 करोड़ डॉलर का निवेश मिला।

इसके अलावा, जारी किए गए ऋण और गारंटी सहित कुल वित्तीय प्रतिबद्धताएं मार्च में तेजी से बढ़कर 7.06 अरब डॉलर हो गईं, जो फरवरी, 2026 में 2.96 अरब डॉलर और पिछले साल मार्च में 5.54 अरब डॉलर थीं।

आंकड़ों से पता चलता है कि ऋण क्षेत्र में, संयुक्त अरब अमीरात को भारत से 22.39 करोड़ डॉलर का उच्च ऋण प्राप्त हुआ, जबकि मॉरीशस को 14.63 करोड़ डॉलर का ऋण मिला।

भाषा रमण अजय

अजय