नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने बिजली मंत्रालय से योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तत्काल उपाय करने का आग्रह किया है। बिजली मंत्रालय की अनुदान मांगों (2026-27) पर समिति की 11वीं रिपोर्ट बृहस्पतिवार को संसद में पेश की गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि चूंकि देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की गति काफी कम रही है, इसलिए मंत्रालय को स्पष्ट रूप से तय लक्ष्यों के साथ इस काम को तेज करने के तत्काल उपाय करने चाहिए।
समिति ने गौर किया कि सरकार ने मार्च, 2025 तक देश में 25 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसके मुकाबले 15 फरवरी, 2026 तक केवल 5.83 करोड़ स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं।
समिति ने पाया कि हालांकि देश में स्मार्ट मीटर लगाने की दर बढ़कर लगभग 1.35 लाख प्रतिदिन हो गई है, लेकिन यह संशोधित समयसीमा यानी मार्च, 2028 तक निर्धारित लक्ष्य और मौजूदा स्थिति के बीच के बड़े अंतर को पाटने के लिए अपर्याप्त है।
संसदीय समिति ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों में उपभोक्ताओं ने बिलिंग संबंधी गलतियों, डेटा गोपनीयता की चिंताओं और उपभोक्ता मीटर के बार-बार बदलने जैसी शिकायतें की है। इन मुद्दों से उपभोक्ताओं का भरोसा कम हो सकता है, जिससे स्मार्ट मीटर लगाने का काम प्रभावित होगा।
भाषा अजय पाण्डेय
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