Pensioners 6th Pay Commission: हाईकोर्ट के आदेश से पेंशनरों को मिली बड़ी राहत.. साफ़ हुआ 6वें वेतनमान के तहत मिलने वाले फायदे का रास्ता, सरकार की रिट अपील खारिज

Pensioners 6th Pay Commission High Court Latest Order: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशनरों को छठे वेतन आयोग का लाभ देने का आदेश बरकरार रखते हुए सरकार की अपील खारिज की।

Pensioners 6th Pay Commission: हाईकोर्ट के आदेश से पेंशनरों को मिली बड़ी राहत.. साफ़ हुआ 6वें वेतनमान के तहत मिलने वाले फायदे का रास्ता, सरकार की रिट अपील खारिज

Pensioners 6th Pay Commission High Court Latest Order || LiveLaw file

Modified Date: July 17, 2026 / 12:30 am IST
Published Date: July 17, 2026 12:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • पेंशनरों को 6वें वेतन आयोग का लाभ।
  • सरकार की रिट अपील हाईकोर्ट ने खारिज की।
  • राज्य सरकार पर 20 हजार रुपये की कॉस्ट।

ग्वालियर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने 6वें वेतन आयोग के लाभ को लेकर पेंशनरों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार की रिट अपील खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। (Pensioners 6th Pay Commission High Court Latest Order) इसके साथ ही पेंशनरों को 6वें वेतन आयोग का लाभ देने का रास्ता साफ हो गया है।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

पेंशन और एरियर देने का आदेश बरकरार

यह मामला महेश बाबू शर्मा की पेंशन से जुड़ा था। वर्ष 2019 में उच्च शिक्षा आयुक्त ने उन्हें 6वें वेतन आयोग का लाभ देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सिंगल बेंच ने पेंशन और एरियर का लाभ देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को रिट अपील के जरिए चुनौती दी थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि बिना ठोस आधार के मुकदमे लड़कर सार्वजनिक धन की बर्बादी की जा रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह स्थिति न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोरने वाली है।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

एडवोकेट जनरल कार्यालय पर भी सवाल

हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल कार्यालय की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। (Pensioners 6th Pay Commission High Court Latest Order) अदालत ने कहा कि कई मामलों में विवाद को ठीक से समझे बिना औपचारिक जवाब दाखिल किए जा रहे हैं और सरकारी वकील अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर नजर नहीं आते। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 6वें वेतन आयोग के अलग-अलग मापदंड कैसे हो सकते हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर 20 हजार रुपये की कॉस्ट भी लगाई है। अदालत ने निर्देश दिया है कि यह राशि एक महीने के भीतर जमा कराई जाए।

इन्हें भी पढ़ें:

दिल्ली सरकार ने स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन नीति को मंजूरी दी, 400 करोड़ रुपये का आवंटन

एआई के बढ़ते प्रभाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘के’ आकार की वृद्धि: मूडीज एनालिटिक्स

यूक्रेन के रक्षा मंत्री को पद से हटाए जाने की अटकलों के बीच प्रदर्शनकारी कीव में जमा हुए

उत्तराखंड: देहरादून में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे रही कांग्रेस

प्रधानमंत्री मोदी पंजाब दौरे पर 5,470 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown