Petrol Diesel Price 1 March 2026: पेट्रोल 8 और डीजल 5 रुपए महंगा, रमजान के महीने में जनता को दूसरी बार जोर का झटका, जानिए अब एक लीटर के लिए देना होगा कितना?

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Petrol Diesel Price 1 March 2026: पेट्रोल 5 और डीजल 8 रुपए महंगा, रमजान के महीने में जनता को दूसरी बार जोर का झटका, जानिए अब एक लीटर के लिए देना होगा कितना?

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  • Publish Date - March 1, 2026 / 09:11 AM IST,
    Updated On - March 1, 2026 / 09:14 AM IST

Petrol Diesel Price 1 March 2026: पेट्रोल 8 और डीजल 5 रुपए महंगा, रमजान के महीने में जनता को दूसरी बार जोर का झटका, जानिए अब एक लीटर के लिए देना होगा कितना? / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • पेट्रोल की कीमत में ₹8 प्रति लीटर की वृद्धि
  • डीजल की कीमत में 5.16 प्रति लीटर की वृद्धि
  • आज से लागू कर दिए गए हैं नए रेट

बिजनेस: Petrol Diesel Price 1 March 2026: महंगाई की मार झेल रही जनता को सरकार ने एक बार फिर जोर का झटका दिया है। सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी की है। बता दें सरकार ने 15 दिन के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम में बढ़ोतरी की है। पेट्रोल-डीजल के नए रेट आज सुबह से ही लागू कर दिए गए हैं। चलिए जानते हैं सरकार ने पेट्रोल-डीजल के रेट में कितनी बढ़ोतरी की है?

पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी

Petrol Diesel Price 1 March 2026: मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 8 रुपए और डीजल के रेट में 5.16 रुपए की बढ़ोतरी की है। इस संशोधन के बाद, पेट्रोल की कीमत ₹258.17 से बढ़कर ₹266.17 प्रति लीटर हो गई है, जबकि हाई-स्पीड डीजल अब ₹280.86 प्रति लीटर के स्तर पर पहुँच गया है।

आम जनता पर पड़ेगा महंगाई का बोझ

गौरतलब है कि पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से निजी परिवहन, छोटी कारों, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है। ऐसे में कीमतों में ₹8 की यह सीधी बढ़ोतरी मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के मासिक बजट को बुरी तरह प्रभावित करेगी, जिससे उनके लिए दैनिक आवागमन और भी महंगा हो जाएगा।

बस-ट्रक का भाड़ा बढ़ेगा

दूसरी ओर, हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में वृद्धि को मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारक माना जाता है। चूंकि भारी परिवहन क्षेत्र पूरी तरह से डीजल पर निर्भर है, इसलिए इसका उपयोग ट्रकों, बसों, ट्रेनों और कृषि इंजनों जैसे ट्रैक्टरों और ट्यूबवेलों में बड़े पैमाने पर होता है। डीजल महंगा होने का सीधा अर्थ है माल ढुलाई की लागत में वृद्धि, जिसका अंतिम बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है क्योंकि इससे सब्जियों, फलों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में तत्काल उछाल आने की आशंका रहती है।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का दिखा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह मूल्य संशोधन वैश्विक बाजार की स्थितियों और नियामक संस्था के सुझावों के आधार पर अगले पखवाड़े (Fortnight) के लिए किया गया है। हालांकि, कृषि और परिवहन क्षेत्र में डीजल की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, इस फैसले का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ने वाला है। आम जनता के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि ईंधन की ये नई दरें जीवन यापन की लागत को एक नए स्तर पर ले जाएंगी।

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी की गई है?

सरकार ने पेट्रोल की कीमत में ₹8.00 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत में ₹5.16 प्रति लीटर का इजाफा किया है।

ये नई दरें कब से और कहाँ लागू हुई हैं?

ये नई दरें आज यानी 1 मार्च 2026 की सुबह से पूरे पाकिस्तान में प्रभावी हो गई हैं। पेट्रोलियम डिवीजन ने इसके लिए आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण क्या बताया गया है?

सरकार के अनुसार, यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।

डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा?

डीजल का उपयोग भारी वाहनों (ट्रक, बस), ट्रेनों और कृषि उपकरणों (ट्रैक्टर, थ्रेशर, ट्यूबवेल) में होता है। इसकी कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा और खाद्य पदार्थों (सब्जी, फल) के दाम बढ़ेंगे।

पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों से कौन सा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होगा?

पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग द्वारा मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कारों के लिए किया जाता है। ₹8 की सीधी बढ़ोतरी से इन लोगों के मासिक बजट और दैनिक आवागमन की लागत काफी बढ़ जाएगी।