नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे ने बृहस्पतिवार को अपने मर्चेंट नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने और छोटे शहरों एवं गांवों तक डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को पहुंचाने की योजना की घोषणा की।
इस योजना के तहत फोनपे अगले एक साल में 20,000 से अधिक बिक्री कर्मचारियों को अपने पेरोल पर नियुक्त करेगी। साथ ही, अगले 12 माह में 50 लाख से अधिक भुगतान उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें पीओएस मशीन और स्मार्टस्पीकर शामिल हैं।
कंपनी के मुताबिक, इनमें से करीब 50 प्रतिशत उपकरण ग्रामीण भारत में लगाए जाएंगे, जिससे टियर-6 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की सुविधा का विस्तार होगा।
फोनपे ने कहा कि बड़ी संख्या में पेरोल वाले फ्रंटलाइन कर्मचारी छोटे शहरों और गांवों के कारोबारियों तक पहुंचेंगे, उन्हें डिजिटल भुगतान से जोड़ेंगे, केवाईसी पूरा करेंगे, भुगतान उपकरण लगाएंगे और कारोबारियों को लगातार सहायता देंगे।
कंपनी के मुताबिक, इस विस्तार से लाखों छोटे कारोबारियों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
फोनपे ने कहा कि यूपीआई भुगतान पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) की हाल में घोषित व्यवस्था उसे मर्चेंट नेटवर्क के विस्तार में दीर्घकालिक निवेश करने में मदद करती है। एमडीआर से मिलने वाली राशि का पांच प्रतिशत छोटे कारोबारियों के विस्तार के लिए समर्पित कोष में रखा जाएगा। कंपनी ने कहा कि ऐसी पहलें टियर-6 शहरों और गांवों सहित दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दे रही हैं।
कंपनी ने कहा कि पिछले साल लागू किए गए नए श्रम कानूनों से अनुपालन प्रक्रिया सरल हुई है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अपने पेरोल पर तेजी से नियुक्त करने में मदद मिल रही है।
कंपनी ने कहा कि भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में से एक तैयार किया है। इसके अगले चरण के लिए देशभर में छोटे कारोबारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने वाले भुगतान बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश की जरूरत होगी।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय