पिचाई ने एआई पर भारी निवेश का बचाव किया

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पिचाई ने एआई पर भारी निवेश का बचाव किया

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  • Publish Date - February 18, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - February 18, 2026 / 10:27 PM IST

नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) कृत्रिम मेधा (एआई) पर हो रहे भारी खर्च और इसके प्रतिफल को लेकर दुनिया भर में जारी चिंताओं के बीच, गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने इस निवेश का पुरजोर बचाव किया है। पिचाई ने एआई बुनियादी ढांचे की तुलना रेलवे और राजमार्गों के ऐतिहासिक विस्तार से करते हुए इसे दीर्घकालिक आर्थिक विकास की अनिवार्य नींव बताया।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के इतर आयोजित एक कार्यक्रम में पिचाई ने कहा, ‘यह मौजूदा दौर एक ‘असाधारण’ और ‘परिवर्तनकारी’ क्षण है। हम इस बदलाव का सामना करने के लिए निवेश कर रहे हैं। यह एक तरह की औद्योगिक क्रांति है, लेकिन उससे 10 गुना तेज और 10 गुना बड़ी।’

निवेश पर बोर्डरूम के संदेह के सवाल पर उन्होंने कहा कि एआई को केवल खर्च के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह अमेरिका में रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रणाली में किए गए निवेश ने भविष्य के विकास के रास्ते खोले, वैसा ही प्रभाव एआई का होगा।

पिचाई ने बताया कि गूगल के सर्च, यूट्यूब और क्लाउड जैसे मंच इस प्रौद्योगिकी के कारण बेहतर हो रहे हैं।

उन्होंने क्लाउड व्यवसाय का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले एक साल में इसका ‘बैकलॉग’ दोगुना होकर 24 करोड़ डॉलर पहुंच गया है, जो इस प्रौद्योगिकी की भारी मांग को दर्शाता है।

उनका यह बयान इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि अल्फाबेट (गूगल की मूल कंपनी) ने 2026 के लिए अपने पूंजीगत व्यय का अनुमान 175-185 अरब डॉलर रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।

भाषा सुमित अजय

अजय