Plastic Notes in India: कागज के नोट होंगे पुराने? प्लास्टिक नोटों को लेकर RBI ने खोला बड़ा राज, जानिए आपके हाथ में कब आएगी नई करेंसी

Plastic Notes in India: आरबीआई गवर्नर के अनुसार भारत में जल्द प्लास्टिक के नोट आने की संभावना है। ये नए नोट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में जारी हो सकते हैं और मौजूदा कागज के नोटों के साथ चलेंगे। प्लास्टिक करेंसी ज्यादा टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Plastic Notes in India: कागज के नोट होंगे पुराने? प्लास्टिक नोटों को लेकर RBI ने खोला बड़ा राज, जानिए आपके हाथ में कब आएगी नई करेंसी

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Modified Date: August 5, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: August 5, 2026 4:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अगले वित्त वर्ष में आ सकते हैं पॉलिमर नोट।
  • कागजी नोट रहेंगे जारी, नहीं होंगे बंद।
  • RBI ने 2009 के बाद फिर शुरू की तैयारी।

नई दिल्ली: Plastic Notes in India: भारत में प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोटों (Plastic Notes in India) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि अगर योजना के अनुसार सब कुछ रहा तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर नोट चलन में आ सकते हैं। हालांकि, ये नए नोट मौजूदा कागजी नोटों की जगह नहीं लेंगे, बल्कि उनके साथ ही इस्तेमाल किए जाएंगे।

कागजी नोट बंद करने की नहीं है योजना

RBI की तैयारी भारतीय करेंसी को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाने (Plastic Notes in India) की दिशा में एक कदम है। पॉलिमर नोटों को लाने का उद्देश्य नोटों की उम्र बढ़ाना और उनकी गुणवत्ता बेहतर करना है। फिलहाल कागज के नोटों को हटाने की कोई योजना नहीं है। नए प्लास्टिक नोट आने के बाद भी पुराने नोट सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

2009 में भी हुई थी कोशिश, अब फिर शुरू होगा परीक्षण

भारत में पॉलिमर नोट लाने की यह पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले साल 2009 में RBI ने इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन तकनीकी कारणों से इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब नए सिरे से इस दिशा में काम किया जा रहा है। शुरुआती सफलता के बाद RBI बड़े मूल्य वाले नोटों जैसे 100 और 500 रुपये के नोटों में भी पॉलिमर तकनीक पर विचार कर सकता है।

प्लास्टिक नोट क्यों माने जा रहे हैं बेहतर?

पॉलिमर नोट पानी, नमी, गंदगी और फटने जैसी समस्याओं के मुकाबले ज्यादा मजबूत होते हैं। इनकी लाइफ सामान्य कागजी नोटों से ज्यादा होती है। जिससे लंबे समय में नोटों की छपाई और रखरखाव की लागत कम हो सकती है। शुरुआत में छोटे मूल्य के नोटों पर परीक्षण किया जा सकता है क्योंकि इनकी संख्या ज्यादा होती है और वित्तीय जोखिम कम रहता है।

RBI करेगा कई चीजों की जांच

पायलट प्रोजेक्ट के जरिए RBI यह देखेगा कि लोग पॉलिमर नोटों (Plastic Notes in India) को कितना स्वीकार करते हैं, उनकी मजबूती कैसी रहती है और सुरक्षा फीचर्स कितने प्रभावी हैं। साथ ही नकली नोट बनाने वालों से बचाव की क्षमता का भी परीक्षण किया जाएगा। छोटे नोटों से शुरुआत करने का एक कारण यह भी है कि इन्हें ATM के बजाय अधिकतर बैंक शाखाओं से जारी किया जाता है। इसलिए मौजूदा मशीनों में बड़े बदलाव की जरूरत कम पड़ेगी। हालांकि, भविष्य में बड़े मूल्य के पॉलिमर नोट लाने से पहले ATM और कैश मशीनों में जरूरी तकनीकी बदलाव करने पड़ सकते हैं।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।