नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र का निवेश बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि केवल सरकारी खर्च से वित्तपोषण की भारी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पिछले डेढ़ साल में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी वैश्विक मान्यता भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, बेहतर होते कारोबारी माहौल और वैश्विक निवेश परिदृश्य में मजबूत होती स्थिति को दर्शाती है।
ठाकुर ने कहा कि भारत पहले से हासिल लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और नई ऊंचाइयों को छूने का पक्का भरोसा रखता है और केंद्र-राज्य साझेदारी निर्णायक रूप से विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा, ”हम आज मौजूदा वैश्विक कठिनाइयों की पृष्ठभूमि में बैठक कर रहे हैं। इन परिस्थितियों में और अपने साझा लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जिस बड़े पैमाने पर बदलाव की हम कल्पना करते हैं, उसे देखते हुए इस पैमाने को केवल सरकारी बजट से पूरा नहीं किया जा सकता। इसमें निजी क्षेत्र के वित्तपोषण को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।”
सचिव ने कहा कि सम्मेलन ‘विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण’ विषय पर चर्चा करते हुए इस बात को सबसे आगे रखेगा।
ठाकुर ने कहा कि मई 2026 में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के ‘चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक’ के अनुसार भारत को वैश्विक कारोबारी माहौल के लिए शीर्ष आकर्षक स्थलों में माना गया है।
उन्होंने कहा, ”इस तरह की वैश्विक मान्यता भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, सुधरते कारोबारी माहौल और वैश्विक निवेश परिदृश्य में मजबूत होती स्थिति को स्पष्ट करती है।”
भाषा पाण्डेय रमण
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