मुंबई, 12 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में डिजिटल भुगतान का दायरा बढ़ने का सिलसिला अप्रैल-सितंबर, 2025 के दौरान भी जारी रहा।
आरबीआई ने कहा कि उसका ‘डिजिटल भुगतान सूचकांक’ (आरबीआई-डीपीआई) सितंबर, 2025 में 516.76 पर पहुंच गया, जो सितंबर, 2024 में 465.33 और मार्च, 2025 में 493.22 पर था।
देशभर में डिजिटल भुगतान के प्रसार और दायरे को मापने वाला यह सूचकांक जनवरी, 2021 से प्रकाशित किया जा रहा है और मार्च, 2018 को आधार वर्ष मानता है।
आरबीआई ने बयान में कहा, ‘‘सूचकांक में वृद्धि का मुख्य कारण भुगतान प्रदर्शन और भुगतान सक्षम कारकों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है।’’
आरबीआई-डीपीआई पांच प्रमुख मानकों पर आधारित है। इसमें भुगतान सक्षम कारक (25 प्रतिशत भार), मांग पक्ष का भुगतान ढांचा (10 प्रतिशत), आपूर्ति पक्ष का भुगतान ढांचा (15 प्रतिशत), भुगतान प्रदर्शन (45 प्रतिशत) और उपभोक्ता केंद्रीकरण (पांच प्रतिशत) शामिल हैं।
इन सभी मानकों के कई उप-मानक और मापनीय संकेतक रखे गए हैं, जिनके आधार पर समय-समय पर डिजिटल भुगतान की प्रगति का आकलन किया जाता है।
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