आरबीआई ने बैंकों को अपना तिमाही लाभ पूंजी गणना में जोड़ने की मंजूरी दी

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आरबीआई ने बैंकों को अपना तिमाही लाभ पूंजी गणना में जोड़ने की मंजूरी दी

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 07:24 PM IST

मुंबई, आठ मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को बैंकों के पूंजी पर्याप्तता मानदंडों में ढील देते हुए चालू वित्त वर्ष के लाभ को तिमाही आधार पर पूंजी गणना में शामिल करने की अनुमति दे दी।

आरबीआई के एक परिपत्र के मुताबिक, अब बैंकों को तिमाही मुनाफा ‘कॉमन इक्विटी टियर-1’ (सीईटी-1) पूंजी में शामिल करने के लिए पहले लागू एनपीए से संबंधित अतिरिक्त शर्त का पालन नहीं करना होगा।

सीईटी-1 बैंक की मुख्य और उच्च गुणवत्ता वाली पूंजी होती है, जो नुकसान की स्थिति में उसे पहला सुरक्षा कवच देती है। इसके सहारे बैंक किसी घाटे या संकट को झेल सकता है।

संशोधित प्रावधानों के तहत बैंक ‘पूंजी-जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात’ (सीआरएआर) की गणना में चालू वर्ष के मुनाफे को तिमाही आधार पर जोड़ सकेंगे लेकिन इसके लिए उन्हें निर्धारित शर्तों और एक तय फार्मूले का पालन करना होगा।

इसके साथ ही बैंकों के लिए प्रत्येक तिमाही में वित्तीय परिणामों का ऑडिट या सीमित समीक्षा कराना अनिवार्य होगा।

इसी तरह के निर्देश लघु वित्त बैंकों और भुगतान बैंकों के लिए भी जारी किए गए हैं।

आरबीआई ने इस संबंध में मसौदा संशोधन अप्रैल में जारी कर हितधारकों से सुझाव मांगे थे। हालांकि, कुछ हितधारकों ने सालाना आधार पर सीईटी-1 गणना बनाए रखने की सलाह दी थी, जिसे आरबीआई ने स्वीकार नहीं किया।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण