मुंबई, 15 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को परिचालन में लचीलापन प्रदान करते हुए उन्हें अधिकांश मामलों में पूर्व अनुमति के बिना शाखाएं खोलने की अनुमति दी है। साथ ही जमा स्वीकार करने वाली इकाइयों के लिए शुद्ध स्वामित्व निधि के आधार पर कुछ शर्तें भी लागू कीं।
केंद्रीय बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – शाखा मंजूरी) संशोधन निर्देश, 2026 जारी किए हैं।
एक परिपत्र में कहा गया है कि इन संशोधित निर्देशों का उद्देश्य एनबीएफसी को शाखा विस्तार के लिए परिचालन में लचीलापन प्रदान करना है ताकि कारोबार सुगमता बढ़े और साथ ही आवश्यक नियामक अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
आरबीआई ने कहा, ‘‘जब तक विशेष रूप से प्रतिबंधित न हो, एनबीएफसी को आमतौर पर आरबीआई से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना शाखाएं खोलने की अनुमति है।’’
परिपत्र में कहा गया है कि 50 करोड़ रुपये तक की शुद्ध स्वामित्व निधि (एनओएफ) वाली या ‘एए’ से कम क्रेडिट रेटिंग वाली जमा स्वीकार करने वाली एनबीएफसी उस राज्य में शाखा खोल सकती है या एजेंट नियुक्त कर सकती है जहां उसका पंजीकृत कार्यालय स्थित है।
यदि ऐसी एनबीएफसी की शुद्ध स्वामित्व निधि 50 करोड़ रुपये से अधिक है और क्रेडिट रेटिंग ‘एए’ या उससे ऊपर है, तो वह भारत में कहीं भी शाखा खोल सकती है या एजेंट नियुक्त कर सकती है।
भाषा रमण अजय
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