मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को बैंक प्रतिनिधियों को उनके काम के आधार पर दो श्रेणियों में रखने और उनके वेतन में समानता लाने का सुझाव दिया।
केंद्रीय बैंक ने सोमवार को जारी शाखा मंजूरी संबंधी मसौदा मानदंडों में तीन प्रकार के वितरण बिंदुओं को परिभाषित करने का प्रस्ताव दिया है जिसमें बैंक शाखाएं, बैंक प्रतिनिधि-बैंक आउटलेट्स (बैंक शाखा, एटीएम, एक्सटेंशन काउंटर) और बैंक प्रतिनिधि-बैंकिंग टचपॉइंट (बीसी-बीटी) शामिल हैं।
बैंक प्रतिनिधि को दूर-दराज के इलाकों में बैंकिंग सेवाएं देने के लिए नियुक्त किया जाता है। इससे बैंकों की पहुंच बढ़ती है और उन लोगों को बैंकिंग से जोड़ने में मदद मिलती है जिनके पास बैंक खाते नहीं हैं।
वर्तमान में बैंक प्रतिनिधि के बीच कोई वर्गीकरण नहीं है और अलग-अलग बैंक उन्हें अलग-अलग कमीशन देते हैं। जून 2025 तक, विभिन्न बैंकों द्वारा 16 लाख से अधिक बैंक प्रतिनिधि नियुक्त किए गए थे।
आरबीआई ने इस प्रस्ताव पर संबंधित संस्थाओं और जनता से पांच मई, 2026 तक सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी हैं।
भाषा योगेश रमण
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