अनुषंगी कंपनियों को सूचीबद्ध करने के लिए पुनर्गठन की संभावनाएं तलाश सकती है रिलायंस: रिपोर्ट

अनुषंगी कंपनियों को सूचीबद्ध करने के लिए पुनर्गठन की संभावनाएं तलाश सकती है रिलायंस: रिपोर्ट

अनुषंगी कंपनियों को सूचीबद्ध करने के लिए पुनर्गठन की संभावनाएं तलाश सकती है रिलायंस: रिपोर्ट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: September 11, 2022 2:06 pm IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) कंपनी को तीन स्वतंत्र इकाइयों में पुनर्गठित करने की संभावनाएं तलाश सकती है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों के आधार पर पुनर्गठन किया जा सकता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि रिलायंस अपनी अनुषंगी कंपनियों को सूचीबद्ध करने की तैयारी कर रही है, जिसके चलते यह पुनर्गठन किया जा रहा है। पूरी कवायद को परिवार में अगली पीढ़ी को प्रमुख भूमिकाओं में स्थापित करने के रूप में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया कि इससे किसी भी होल्डिंग कंपनी के सूचीबद्ध होने की स्थिति में होल्डिंग कंपनी में किसी छूट को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रबंधन में बदलाव की तैयारी से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत की सबसे बड़ी कंपनी तीन अलग-अलग व्यवसाय में शामिल हैं। ये व्यवसाय- तेल-से-रसायन (ओ2सी), दूरसंचार और खुदरा सहित डिजिटल कारोबार हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘रिलायंस अपने तीन अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों के लिए कंपनी को तीन स्वतंत्र इकाइयों में पुनर्गठिन करने की संभावनाएं तलाश सकती है, क्योंकि यह अपनी अनुषंगी कंपनियों को सूचीबद्ध करने और संस्थापक परिवार की अगली पीढ़ी के सदस्यों को प्रमुख भूमिकाओं में शामिल करने की तैयारी कर रही है।’’

कंपनी के प्रबंधक और शेयरधारक अब संरचना, उत्तराधिकार और अलगाव से जुड़े उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कंपनी के पुनर्गठन पर विचार कर सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘एक विकल्प रिलायंस को तीन स्वतंत्र सूचीबद्ध व्यापार श्रेणियों (संचार, ऊर्जा और खुदरा बिक्री) में पुनर्गठित करना हो सकता है। यह मोटे तौर पर रिलायंस के शेयरधारकों को दूरसंचार या खुदरा कारोबार में शेयरधारक बनने का विकल्प देगा। हो सकता है कि विभिन्न छोटी इकाइयों को जोड़कर किसी एक उचित कारोबार के साथ मिलाया जाए।’’

पिछले महीने कंपनी की वार्षिक आम बैठक में अंबानी ने अपने जुड़वां बच्चों आकाश और ईशा को क्रमशः डिजिटल और खुदरा कारोबार तथा सबसे छोटे बेटे अनंत को ऊर्जा व्यवसाय की अगुवाई के लिए चुना था।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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