नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने चेतावनी दी कि विदेशी सिगरेटों की बढ़ती तस्करी सरकारी राजस्व और सार्वजनिक स्वास्थ्य, दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।
एसजेएम के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने पीटीआई-भाषा को बताया कि हानिकारक वस्तुओं पर उच्च करों का ऐतिहासिक नतीजा कालाबाजारी बढ़ने के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि वैध उत्पादों की कीमतें बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण पैदा हुए अंतर को तस्करी के उत्पादों से भरा जा रहा है।
उन्होंने एक संतुलित नजरिया अपनाने की जरूरत पर जोर देते हुए तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त प्रवर्तन की वकालत की। ये चिंताएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि देश में एक फरवरी सिगरेट पर करों में भारी वृद्धि होने वाली है।
महाजन ने कहा कि जैसे-जैसे अधिकारी इन वस्तुओं पर अधिक कर लगाते हैं, इनके अवैध व्यापार में तेजी आती है और बाजार में घटिया उत्पादों की डंपिंग होती है।
उन्होंने आगे कहा, ”यह न केवल आम लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि इसके चलते सरकार के राजस्व और घरेलू विनिर्माण क्षमता को भी नुकसान होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि नीति निर्माताओं को जमीनी हकीकत पर विचार करना चाहिए और ऐसी स्थितियां पैदा करने से बचना चाहिए, जहां तस्करी ही एकमात्र विकल्प बन जाए, जिससे घरेलू उत्पादकों और ईमानदार खुदरा विक्रेताओं का आधार कमजोर हो।
उन्होंने आगे कहा कि ज्यादातर छोटे खुदरा विक्रेता ईमानदारी से आजीविका कमाना चाहते हैं, लेकिन अनैतिक तत्वों द्वारा अवैध उत्पादों के अनियंत्रित प्रसार से बाजार बिगड़ता है और अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा होती है।
भाषा पाण्डेय
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