मुंबई, नौ जुलाई (भाषा) रुपया बृहस्पतिवार को सात पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.41 (अस्थायी) पर रहा। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों में डॉलर के मजबूत होने का रुख बना रहा।
पश्चिम एशिया में फिर से तनाव उत्पन्न होने के बाद पैदा हुई अस्थिरता के बावजूद शेयर बाजार में सुधार और सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर की बिकवाली से स्थानीय मुद्रा को समर्थन मिला
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.52 प्रति डॉलर पर खुला जो उसके पिछले बंद भाव से चार पैसे की गिरावट है। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 95.58 से 95.28 के दायरे में रहा। अंत में यह 95.41 (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद भाव से सात पैसा अधिक है।
रुपया बुधवार को 52 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.48 पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप से स्थानीय मुद्रा को समर्थन मिला, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मजबूत डॉलर ने रुपये पर दबाव डाला।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोष प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, “रुपया आज मजबूत हुआ, जबकि कल यह दबाव में था। भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से रुपये को समर्थन मिला, वहीं सरकारी बैंकों ने डॉलर बेचे, जिसे आम तौर पर आरबीआई की ओर से की गई पहल माना जाता है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव सबसे बड़ा नकारात्मक कारक बना हुआ है और अमेरिका तथा ईरान से जुड़े ताजा सैन्य घटनाक्रम के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।”
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 100.77 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78.40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 238.22 अंक चढ़कर 76,741.82 अंक पर जबकि निफ्टी 80.75 अंक मजबूत होकर 23,962.80 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे थे और उन्होंने 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा यासिर अजय
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