नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने बृहस्पतिवार को 1.34 लाख रुपये की कीमत पर सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराने की घोषणा की।
कंपनी का उद्देश्य रक्षा, समुद्री क्षेत्र और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सैटेलाइट संचार सेवाओं का विस्तार करना है।
बीएसएनएल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सैटेलाइट फोन की कीमत सभी करों सहित 1,34,166 रुपये प्रति इकाई है। इसे ऐसे कठिन क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होते। यह फोन दूरदराज इलाकों में वॉयस कॉल और एसएमएस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
बीएसएनएल ने पोस्ट में कहा, ‘जब सामान्य मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाते, तब बीएसएनएल सैटेलाइट फोन आपको जुड़े रहने में मदद करता है। इसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है और यह रक्षा, समुद्री क्षेत्र, आपदा प्रबंधन, खनन, दूरस्थ संचालन और साहसिक यात्राओं के लिए उपयोगी समाधान है।’
कंपनी ने अधिक जानकारी के लिए नजदीकी बीएसएनएल कार्यालय से संपर्क करने को कहा और एक मोबाइल नंबर भी साझा किया। हालांकि, यह नंबर तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, ‘हमेशा की तरह, दिए गए नंबर पर कोई जवाब नहीं दे रहा है।’
वहीं, बीएसएनएल को भेजे गए ईमेल का भी तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।
फरवरी में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बीएसएनएल एक जनवरी, 2018 से आम लोगों और निजी कंपनियों को वैश्विक सैटेलाइट फोन सर्विस (जीएसपीएस) के माध्यम से वॉयस कॉल और एसएमएस सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 12 जून, 2017 को सैटेलाइट आधारित सेवाओं के प्रावधान को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसके तहत बीएसएनएल को मोबाइल कनेक्शन की तरह ग्राहकों की पहचान प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, बीएसएनएल को उपभोक्ता से सैटेलाइट फोन के उपयोग का स्थान, उपयोग की अवधि और फोन इस्तेमाल करने का उद्देश्य जैसी जानकारियां भी लेनी होती हैं।
भाषा योगेश अजय
अजय