मुंबई, नौ अक्टूबर (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच निवेशकों ने सोमवार को वित्तीय एवं ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में खासी बिकवाली की जिससे घरेलू मानक सूचकांक सेंसेक्स एवं निफ्टी लगभग एक प्रतिशत तक गिर गए।
विश्लेषकों के मुताबिक, इजराइल और हमास के बीच छिड़े संघर्ष से अनिश्चितता की स्थिति पैदा हुई है जिससे निवेशक बड़ा जोखिम लेने से बच रहे हैं।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 483.24 अंक यानी 0.73 प्रतिशत गिरकर 65,512.39 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 141.15 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,512.35 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में से सिर्फ तीन के शेयर ही बढ़त के साथ बंद हुए। इसी तरह निफ्टी के 50 में से 43 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘‘निवेशकों ने इजराइल-हमास संघर्ष छिड़ने से पैदा हुई अनिश्चितता को देखते हुए जोखिम लेने से परहेज किया। अधिकांश तेल उत्पादक देशों की मौजूदगी इस संघर्ष क्षेत्र के आसपास ही होने से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें लड़ाई लंबा खिंचने पर उछल सकती हैं।’’
सेंसेक्स की कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा में सर्वाधिक 2.05 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके बाद बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, एसबीआई, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और टाइटन के शेयरों में भी प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी तरफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस में क्रमशः 1.02 प्रतिशत एवं 0.47 प्रतिशत की बढ़त रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर में भी 0.32 प्रतिशत की तेजी रही।
व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में सर्वाधिक 1.72 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि मिडकैप 1.22 प्रतिशत नीचे आ गया। लार्जकैप सूचकांक को भी 0.84 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा।
कारोबारी खंडों में पूंजीगत उत्पाद शेयरों में 1.34 प्रतिशत की सर्वाधिक गिरावट रही। जिंस खंड 1.30 प्रतिशत, बैंक सूचकांक 1.04 प्रतिशत और वाहन खंड 0.95 प्रतिशत की गिरावट पर रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आईटी क्षेत्र सामान्य स्थिति की ओर लौटने के संकेत दे रहा है। हालांकि, दूसरी तिमाही के नतीजे सकारात्मक रहने पर सहमति बनी हुई है लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से इस आशावादी परिदृश्य को झटका लग सकता है।’’
निवेशक इस सप्ताह के अंत में घोषित होने वाले वृहद-आर्थिक आंकड़ों से पहले सावधानी बरत रहे हैं। अगस्त के लिए औद्योगिक उत्पादन और विनिर्माण संबंधी आंकड़ों की घोषणा 12 अक्टूबर को की जाएगी जबकि 13 अक्टूबर को सितंबर महीने के लिए थोक मुद्रास्फीति की घोषणा की जाएगी।
एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त पर रहा जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहा। जापान के निक्की में आज अवकाश था।
यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखा जा रहा था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुए थे।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल 3.32 प्रतिशत के बड़े उछाल के साथ 87.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 90.29 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों के शेयर बेचे।
एलकेपी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे ने कहा कि निफ्टी के 19,700 का स्तर पार करने तक बाजार में ‘बढ़त पर बिकवाली’ का रुख बना रह सकता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय