(Silver Price Update/ Image Credit: Pixabay)
नई दिल्ली: Silver Price Update: इस साल चांदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 120% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। शुक्रवार को घरेलू बाजार में चांदी की कीमत पहली बार 2,00,000 रुपए के पार पहुंच गई। खास बात यह है कि इतनी तेजी 1979 के बाद पहली बार देखी गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में चांदी की कीमत 2,40,000-2,50,000 रुपए तक पहुंच सकती है। इस तेजी के पीछे मांग और आपूर्ति में असंतुलन मुख्य कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की बढ़ती कीमतें बाजार में स्ट्रक्चरल रीवैल्यूएशन का संकेत देती हैं। वैश्विक उत्पादन लगभग 810 मिलियन औंस पर स्थिर है, जो पांच साल पहले के स्तर के बराबर या उससे कम है। चांदी का 70-80% हिस्सा सीसा, जस्ता और तांबे के बाय-प्रोडक्ट के रूप में आता है। रिफिनिटिव के आंकड़े बताते हैं कि 2026 तक सप्लाई में कमी लगभग 112 मिलियन औंस बनी रहेगी। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इंडस्ट्रीयल डिमांड इस तेजी के पीछे मुख्य कारण है। खासकर सोलर फोटोवोल्टाइक सेक्टर में मांग में भारी वृद्धि हुई है।
सोलर एनर्जी और ग्रीन एनर्जी के बढ़ते उपयोग से चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में इजाफा हुआ है। 2020 में सोलर सेक्टर की डिमांड 94.4 मिलियन औंस थी, जो 2024 में बढ़कर 243.7 मिलियन औंस हो गई। अकेले सोलर एनर्जी ने कुल मांग का लगभग 21% हिस्सा लिया। इसके अलावा, ट्रेड पॉलिसी की अनिश्चितता और लॉजिस्टिक असंतुलन ने भी कीमतों को प्रभावित किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंदन से मेटल अमेरिकी रिजर्व में जाने के कारण ग्लोबल फ्लोट कम हो गया है। कॉमेक्स में चांदी का भंडार बढ़ रहा है और तकनीकी चार्ट ने पिछले एक दशक के निचले स्तर को तोड़ दिया है। एक्सिस डायरेक्ट का अनुमान है कि यदि घरेलू कीमत 1,70,000-1,78,000 रुपए तक गिरती है, तो इसे चरणबद्ध तरीके से खरीदकर 2026 तक 2,40,000 रुपए का टारगेट हासिल किया जा सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिजिकल कमी, इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश में बढ़ती रुचि से चांदी का आउटलुक मजबूत बना हुआ है और 2026 में कीमत 2,50,000 रुपए तक पहुंच सकती है।