स्मृति ईरानी की अगुवाई वाले गठबंधन ने दावोस बैठक में 20 लाख डॉलर जुटाए

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स्मृति ईरानी की अगुवाई वाले गठबंधन ने दावोस बैठक में 20 लाख डॉलर जुटाए

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 03:39 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 03:39 PM IST

(बरुण झा)

दावोस, 22 जनवरी (भाषा) भारत में महिला उद्यमियों के लिए 10 करोड़ डॉलर का कोष बनाने की योजना पर काम कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में महज दो दिनों के भीतर 20 लाख डॉलर की प्रतिबद्धता जुटा ली है।

यह कोष देशभर की महिला-स्वामित्व वाली एक लाख लघु इकाइयों को सहयोग देने के लिए प्रस्तावित है।

स्विट्जरलैंड के दावोस में जारी इस बैठक के दौरान ईरानी ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें 2024 में दावोस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अवसर मिला था।

उसी साल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और गेट्स फाउंडेशन की साझेदारी में ‘वैश्विक भलाई के लिए गठबंधन- स्त्री-पुरूष समता एवं समानता’ की शुरुआत की गई थी, जिसमें डब्ल्यूईएफ भी नेटवर्क साझेदार है।

इस गठबंधन की संस्थापक और चेयरपर्सन के तौर पर लगातार दूसरे साल डब्ल्यूईएफ बैठक में भाग ले रहीं ईरानी ने कहा कि दावोस में स्त्री-पुरूष समानता, समान अवसर और न्याय के मुद्दों को सामने लाने का मकसद यह था कि ये विषय केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी सार्थक हों।

उन्होंने कहा, ‘पिछले दो वर्षों में गठबंधन ने 21,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से संवाद किया है और भारतीय विनिर्माण से जुड़े ऐसे मॉडल विकसित करने में मदद की हैं, जिन्हें खासकर महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक स्तर पर अपनाया जा सकता है।’

ईरानी ने बताया कि यह गठबंधन मातृ मृत्यु दर को कम करने जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जोर छोटे कारोबारों, विशेषकर महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर है। इसी के तहत ‘स्पार्क’ नामक एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो देश के करीब 300 शहरों में लागू किया जा रहा है जिसका लक्ष्य महिला-स्वामित्व वाले एक लाख छोटे व्यवसायों को सहयोग देना है।

ईरानी ने कहा कि इस पहल के लिए वाणिज्यिक पूंजी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है और 10 करोड़ डॉलर का कोष स्थापित करने की योजना है।

उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले 48 घंटों में हम भारत की महिला-नेतृत्व वाली इकाइयों के लिए 20 लाख डॉलर जुटाने में सफल रहे हैं।”

ईरानी ने यह भी कहा कि यह गठबंधन देश के भीतर महिलाओं के हार्मोनल, हड्डी और मस्तिष्क स्वास्थ्य से जुड़े आयुर्वेद आधारित इलाज में चार करोड़ डॉलर के निवेश का मंच बनकर उभरा है।

महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने वाले नए कानून पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है जो पुरुषों और महिलाओं को देश सेवा के लिए समान अवसर एवं क्षमता प्रदान करता है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण