jivaji university case/ image source: IBC24
Jiwaji University Gwalior: ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित Jiwaji University से एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसरों की वर्ष 2026 की सीनियरिटी (वरिष्ठता) सूची जारी की गई, लेकिन इस सूची में गंभीर गलती देखने को मिली। बताया जा रहा है कि जारी की गई वरिष्ठता सूची में दो मृत और 14 रीटायरड प्रोफेसरों के नाम भी शामिल कर दिए गए। इस चूक के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार यह सूची विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की गई थी, जिसमें सरकारी कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसरों की वरिष्ठता तय की गई थी। लेकिन जब संबंधित विभागों और शिक्षकों ने इस सूची को ध्यान से देखा तो पता चला कि कई ऐसे नाम भी दर्ज हैं जो या तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है। खास बात यह है कि इन नामों को भी सक्रिय प्रोफेसरों की सूची में शामिल कर लिया गया। इस तरह की गलती ने प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वरिष्ठता सूची का इस्तेमाल पदोन्नति, पदस्थापना और कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों में किया जाता है। ऐसे में अगर सूची में ही त्रुटियां हों तो इसका असर कई शिक्षकों के अधिकारों और फैसलों पर पड़ सकता है। फिलहाल यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है और उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस गलती को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।