नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) सरकार के गेहूं एवं चावल का भंडार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में एक अप्रैल को बढ़कर 604.02 लाख टन पर पहुंच गया, जो निर्धारित बफर मानक 210.40 लाख टन का लगभग तीन गुना है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, चावल का भंडार 386.10 लाख टन रहा, जो 135.80 लाख टन के बफर मानक से काफी अधिक है। वहीं, गेहूं का भंडार 217.92 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि इसका बफर मानक 74.60 लाख टन है।
अनाज भंडारण के बफर मानक तिमाही आधार पर संशोधित किए जाते हैं। मौजूदा मानक एक अप्रैल से लागू हैं और अगला संशोधन एक जुलाई को होगा।
सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत जरूरतमंदों को अनाजों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ये भंडार बनाए रखती है।
इस बीच, 2026 की रबी फसलों की खरीद प्रक्रिया जारी है। देश में 334.17 लाख हेक्टेयर में बोए गए गेहूं में से लगभग 97 प्रतिशत की कटाई हो चुकी है, जबकि दलहनों की कटाई पूरी हो गई है।
रबी सत्र वाले धान की कटाई 59.32 प्रतिशत तक पहुंची है, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु, केरल, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में केंद्रित है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अधिकतर रबी फसलों के थोक दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चल रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि एक मई को समाप्त हुए सप्ताह में लगभग सभी प्रमुख फसलें एमएसपी से नीचे कारोबार कर रही थीं। गेहूं का भाव 2,530 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो 2,585 रुपये के एमएसपी से 2.13 प्रतिशत कम है।
धान का दाम सालाना आधार पर 3.17 प्रतिशत गिरकर 2,294 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया। मक्का का भाव 23.71 प्रतिशत गिरकर 1,831 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि इसका एमएसपी 2,400 रुपये है।
इसके अलावा अरहर, मूंग, बाजरा और सूरजमुखी जैसी फसलों के थोक दाम भी एमएसपी से नीचे बने हुए हैं।
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