महामारी के बावजूद एसटीपीआई इकाइयों का निर्यात पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की उम्मीद

महामारी के बावजूद एसटीपीआई इकाइयों का निर्यात पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की उम्मीद

महामारी के बावजूद एसटीपीआई इकाइयों का निर्यात पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की उम्मीद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: January 9, 2022 4:48 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के मामले तेजी से बढ़ने के बावजूद एसटीपीआई के तहत पंजीकृत इकाइयों का प्रदर्शन बाधित नहीं होने की उम्मीद है।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान एसटीपीआई स्थित इकाइयों से सॉफ्टवेयर का निर्यात पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग बराबर या थोड़ा अधिक है।

कोविड महामारी की पिछली लहर के दौरान सक्रिय सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते एक प्रभावी रिमोट वर्किंग मॉडल को अपनाया गया है, और काम की डिजिटल प्रकृति के चलते एसटीपीआई इकाइयां बिना किसी व्यवधान के लगातार काम कर सकीं हैं।

कुमार ने कहा कि एसटीपीआई योजना के तहत पंजीकृत इकाइयों से सॉफ्टवेयर निर्यात वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान पांच लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक होने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2020-21 में लगभग 4.96 लाख करोड़ रुपये था।

उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘रिमोट वर्किंग मॉडल अब परिपक्व हो गया है, इसलिए हम वित्त वर्ष 2020-2021 में हासिल किए गए स्तर से घटेंगे नहीं। घर से काम करने के लिए सभी जरूरी प्रावधान पहले से ही मौजूद हैं, और ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया जारी है।’’

उन्होंने कहा कि इसलिए देश में ओमीक्रोन संक्रमण के बढ़ते मामलों से इन सॉफ्टवेयर इकाइयों का प्रदर्शन बाधित होने की आशंका नहीं है।

एसपीटीआई योजना के तहत 4,689 इकाइयां पंजीकृत हैं।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया या एसटीपीआई भारत से सॉफ्टवेयर निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत स्थापित एक स्वायत्त निकाय है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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