अतिरिक्त सावधानी बरतें, बाजार शक्तियों के काम में नहीं आने चाहिये अड़चन: सीतारमण ने सीसीआई से कहा

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अतिरिक्त सावधानी बरतें, बाजार शक्तियों के काम में नहीं आने चाहिये अड़चन: सीतारमण ने सीसीआई से कहा

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  • Publish Date - May 20, 2021 / 01:51 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:49 PM IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से कहा कि उसे ‘‘अतिरिक्त सावधानी’’ बरतनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी प्रकार की भूल-चूक से बाजार शक्तियों के काम में किसी तरह की अड़चन नहीं आनी चाहिये। महामारी का कठिन दौर निकलने के बाद बाजार अब पुनरूत्थान की उम्मीद कर रहा है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 12वें वार्षिक दिवस के अवसर पर एक आभासी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीतारमण ने पिछले वर्षों के दौरान नियामक के कार्यों की सराहना की और आगे भी सक्रियता के साथ काम करते रहने की अपील की।

सीसीआई के पास सभी बाजार में विभिन्न पक्षों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिये अधिकार है और इसके पास प्रतिस्पर्धारोधी व्यवहारों पर शिकंजा कसने की भी शक्ति है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं यह भी उल्लेख करना चाहूंगी कि जाने-अनजाने में, किसी भी भूल चूक के कारण बाजार की स्वाभाविक प्रक्रिया कमजोर नहीं पड़नी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिस्पर्धा आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाजार की प्रक्रिया कमजोर न हो, क्योंकि यह महामारी के बाद पुनरुद्धार को ध्यान में रखते हुये बेहद महत्वपूर्ण है।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 असाधारण और चुनौतीपूर्ण था और 2021 भी उसी तरह चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। महामारी के बाद कंपनियां किसी तरह खड़े होकर आगे बढ़ने की कोशिश करने जा रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में अतिरिक्त देखभाल की जानी चाहिए। मुझे यकीन है कि आप ऐसा कर रहे हैं, मैं केवल आपको याद दिला रही हूं, क्योंकि अब आपके सामने नई चुनौतियां होंगी। प्रतिस्पर्धा आयोग में आपके पास कई बुद्धिमान लोग हैं… बुद्धि, विवेक से किशोर अवस्था जैसी वृद्धि चुनौतियों से पार पाया जा सकेगा।’’

वित्त मंत्री की टिप्पणी ऐसे वक्त में आई हैं, जब व्यवसायों को कोरोनो वायरस महामारी से पैदा हुई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसने समग्र आर्थिक वृद्धि को भी काफी प्रभावित किया है।

सीतारमण ने जोर देकर कहा कि सीसीआई को ‘‘दूसरों से तेज होने और यह सुनिश्चत करने के लिए कि बाजार दशाएं सही दिशा में बनी रहें, अति सक्रिय रहना होगा।’’

उन्होंने कहा कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आयोग ‘‘देखे कि वह कितनी सक्रियता से कंपनियों के साथ जुड़ सकता है, ताकि उन्हें प्रोत्साहन दिया जा सके। ’’

सर्वोत्तम वैश्विक व्यवहारों को आकर्षित करने के लिए सीसीआई के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 1,100 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर विलय और अधिग्रहण के हैं।

उन्होंने कहा कि आप पूरी दुनिया में पाएंगे कि कंपनियों के विलय और अधिग्रहण की प्रवृति बढ़ रही है इसकी तरफ अधिक झुकाव है। यह सब परिचालन का दायरा बढ़ाने की भावना से प्रेरित हैं।

इस मौके पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सीसीआई से फुर्तीला होने और बदलते बाजार की गतिशीलता के साथ खुद को बदलने का आग्रह किया।

ठाकुर ने कहा कि मौजूदा अनिश्चित समय में न केवल आर्थिक वृद्धि बढ़ाने की चुनौती है बल्कि यह भी देखना होगा कि सुधार की दिशा में बढ़ते हुये बाजार की प्रक्रियायें उसका गणित न बदल जाये।

उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन पैकेज से भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न अहम क्षेत्रों को मजबूत बढ़ावा दिया गया है।

सीसीआई के चेयरपर्सन अशोक कुमार गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि आयोग ने प्रतिस्पर्धा- रोधी समझौतों और अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने से संबंधित 1,100 से अधिक मामलों की समीक्षा की है।

भाषा

पाण्डेय महाबीर

महाबीर