मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की गिरावट के साथ 95.57 (अस्थायी) पर रहा। कच्चे तेल की कीमत में सुधार और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को मदद मिली।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और कच्चे तेल की ऊंची कीमत रुपये पर दबाव डाल रही हैं। रुपया शुक्रवार को लगातार पांचवें सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ।
कारोबारियों ने बताया कि रुपया गिरावट के साथ खुला लेकिन आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप, घरेलू शेयर बाजार में दिन के निचले स्तर से मामूली सुधार और ऊंचे स्तर पर कच्चे तेल में मुनाफावसूली से उसने कुछ नुकसान की भरपाई की।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95.70 पर खुला और बाद में 95.79 के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि, बाद में स्थानीय मुद्रा ने नुकसान की भरपाई की और दिन के उच्च स्तर 95.51 प्रति डॉलर पर पहुंची। रुपया अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की गिरावट के साथ 95.57 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
रुपया बृहस्पतिवार को 44 पैसे टूटकर 95.52 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘रुपया अपनी गिरावट जारी रखते हुए… 15 मई के बाद से अपने सबसे बड़े साप्ताहिक नुकसान की ओर बढ़ा है। इसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ना है।’’
उन्होंने कहा कि निकट अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपया का हाजिर भाव 95.80 से 95.15 के आसपास रह सकता है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत बढ़कर 99.13 पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 3.28 प्रतिशत टूटकर 104.10 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से जुड़ी मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं के बीच रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है। हालांकि, आरबीआई का कोई भी हस्तक्षेप निचले स्तरों पर रुपये को समर्थन दे सकता है।’’
चौधरी ने कहा कि कारोबारी अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति और उपभोक्ता धारणा के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.45 से 95.90 के दायरे में रह सकता है।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 120.83 अंक टूटकर 74,781.76 अंक पर जबकि निफ्टी 79.70 अंक फिसलकर 23,398.10 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध आधार पर 438.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका रमण
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