(Online Shopping New Rules/ Image Credit: AI-generated)
बिजनेस: Online Shopping New Rules: ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान 70 से 80 फीसदी तक डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। कई बार भारी छूट का दावा किया जाता है लेकिन असल कीमत और बचत उससे बिलकुल अलग होती है। सरकार ऐसे भ्रामक ऑफर्स पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। अब सरकार नए नियम लागू (Online Shopping New Rules) करने जा रही है। नए नियमों का मकसद ग्राहकों को सही जानकारी देना और ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाना है।
सरकार ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल्स 2020 में बदलाव किए हैं। ये नियम कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत बनाए गए हैं। संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इसके बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को डिस्काउंट और डील दिखाते समय ग्राहकों को कई जरूरी जानकारियां स्पष्ट रूप से देनी होंगी, ताकि खरीदारी के दौरान उन्हें भ्रमित न किया जा सके।
नए नियमों में (Online Shopping New Rules) कीमत और छूट को लेकर पारदर्शिता पर खास जोर दिया गया है। किसी प्रोडक्ट पर डिस्काउंट दिखाते समय उसकी मौजूदा कीमत के साथ पुरानी कीमत भी बतानी होगी। पुरानी कीमत वह होगी जिस पर संबंधित सामान को पिछले 30 दिनों में बेचा गया हो। इससे कंपनियों के लिए कीमत बढ़ाकर फिर बड़ी छूट दिखाने की गुंजाइश कम होगी और ग्राहक असली बचत आसानी से समझ सकेंगे।
ई-कॉमर्स कंपनियां सर्च रिजल्ट को इस तरह प्रभावित नहीं कर सकेंगी, जिससे ग्राहक किसी खास प्रोडक्ट की ओर गुमराह हों। इसके अलावा पेड या स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग की पहचान साफ तौर पर करनी होगी। ग्राहक को यह आसानी से पता चलना चाहिए कि कौन-सा सामान सामान्य सर्च रिजल्ट में आया है और कौन-सा पैसे देकर ऊपर दिखाया गया है।
ग्राहकों की पसंद को प्रभावित करने या उन्हें किसी खास विकल्प की ओर धकेलने वाले डार्क पैटर्न पर भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। कंपनियों को डार्क पैटर्न्स, 2023 से जुड़ी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। उन्हें हर साल सेल्फ ऑडिट करके कम्प्लायंस सर्टिफिकेट भी दिखाना होगा। शिकायत व्यवस्था को मजबूत करते हुए कंपनियों को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की कन्वर्जेंस प्रक्रिया से भी जुड़ना होगा।
ग्राहकों को अब प्रोडक्ट से जुड़ी (Online Shopping New Rules) ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। Best Before, Use Before, रिटर्न, रिफंड, वारंटी, डिलीवरी और पेमेंट की शर्तें साफ बतानी होंगी। इंपोर्टेड सामान के मामले में इंपोर्टर और Country of Origin की जानकारी भी देनी होगी। शिकायत करने वाले ग्राहक को ग्रीवांस ऑफिसर द्वारा दर्ज की गई शिकायत की कॉपी भी देनी होगी। इससे ग्राहक के पास अपनी शिकायत का आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद रहेगा।