ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों ने प्रभावी सीमा पार भुगतान व्यवस्था की संभावनाओं पर की चर्चा

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ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों ने प्रभावी सीमा पार भुगतान व्यवस्था की संभावनाओं पर की चर्चा

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 04:30 PM IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर ने एक प्रभावी सीमा पार भुगतान व्यवस्था की संभावना पर चर्चा की है।

ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर (एफएमसीबीजी) के एक संयुक्त बयान में शुक्रवार को कहा गया, ”हम ब्रिक्स सीमा पार भुगतान पहल पर कजान और रियो घोषणापत्रों में हमारे नेताओं द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के आधार पर, प्रभावी सीमा पार भुगतान तंत्र के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में ब्रिक्स भुगतान कार्यबल (बीपीटीएफ) के प्रयासों की सराहना करते हैं।”

यह संयुक्त बयान दिल्ली में आयोजित हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले सामने आया है।

बयान में कहा गया कि बीपीटीएफ ने भुगतान और संदेश भेजने वाले माध्यमों को सीमा पार एक-दूसरे के अनुकूल बनाने का भी अध्ययन किया। इसके अलावा, ब्रिक्स देशों की स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल कर व्यापार के भुगतान और निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।

इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए कार्यबल से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करने और इस बात को स्वीकार करने के लिए कहा गया है कि कोई भी एक तरीका सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता।

वैश्विक उत्पादन और वृद्धि में उभरते बाजारों एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) की बढ़ती हिस्सेदारी के साथ, वैश्विक आर्थिक शासन में सुधार ब्रिक्स की निरंतर प्राथमिकता बना हुआ है। बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ब्रिक्स सदस्यों के बीच समन्वय को मजबूत करना जारी रखा जाएगा।

एफएमसीबीजी ने ब्रेटन वुड्स संस्थानों (बीडब्ल्यूआई) की वैधता बढ़ाने के लिए उन्हें अधिक चुस्त, प्रभावी, विश्वसनीय, समावेशी, उद्देश्य के अनुकूल, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए इनमें सुधार की तत्काल आवश्यकता को दोहराया। बीडब्ल्यूआई में मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक शामिल हैं।

बयान में कहा गया कि बीडब्ल्यूआई में ईएमडीई की आवाज और प्रतिनिधित्व वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनकी सापेक्ष स्थिति के अनुसार होनी चाहिए।

एफएमसीबीजी ने आईएमएफ कोटा और शासन सुधार के लिए ‘ब्रिक्स रियो डी जनेरियो विजन’ की पुष्टि की। साथ ही, अपने सदस्यों, विशेष रूप से सबसे कमजोर देशों को प्रभावी ढंग से समर्थन देने के लिए एक मजबूत, कोटा-आधारित और पर्याप्त संसाधनों से संपन्न आईएमएफ की आवश्यकता पर बल दिया।

नव विकास बैंक (एनडीबी) के संबंध में संयुक्त बयान में कहा गया, ”इसके दूसरे स्वर्णिम दशक में प्रवेश करने के साथ हम ब्रिक्स और वैश्विक दक्षिण में विकास तथा आधुनिकीकरण के एक मजबूत एवं रणनीतिक कारक के रूप में एनडीबी की बढ़ती भूमिका को मान्यता देते हैं और उसका समर्थन करते हैं।”

बयान में बैंक को संसाधन जुटाने, स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण का विस्तार करने, परियोजना-तैयारी सुविधाओं को मजबूत करने, वित्तपोषण स्रोतों में विविधता लाने, नवाचार को बढ़ावा देने और सदस्य देशों में समावेशी तथा टिकाऊ वृद्धि में योगदान देने वाली परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण