नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) संदेश ऐप टेलीग्राम सरकार के अस्थायी प्रतिबंध के बाद भारत में मौजूदा उपयोगकर्ताओं के लिए काम नहीं कर रहा है। हालांकि, यह ‘वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क’ (वीपीएन) के जरिये अब भी उपलब्ध है। उद्योग विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी।
सरकार के आदेश के अनुपालन में गूगल ने प्ले स्टोर और एप्पल के ऐप स्टोर से भी इसे हटा दिया है।
वोयेजर इंफोसेक के निदेशक जितेन जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ टेलीग्राम पर रोक लगाने से प्रश्न पत्र को लीक होने से नहीं रोका जा सकता। यह वीपीएन के जरिये चलता रहेगा, जो (वीपीएन) भारतीय सर्वर को दरकिनार कर विदेशी सर्वर के जरिये काम करता है।’’
सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा का पर्चा लीक होने से रोकने के उद्देश्य से गूगल और एप्पल को 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं।
यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा देशभर के स्नातक चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। एजेंसी ने तीन मई को हुई पिछली परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।
इसके अलावा, अलग निर्देश में टेलीग्राम से 30 जून तक भारत में पहले से भेजे गए संदेशों के संपादन की सुविधा बंद करने को कहा गया है ताकि ‘प्रश्न पत्र लीक’ से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के दुरुपयोग को रोका जा सके।
टेलीग्राम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पावेल ड्यूरोव ने मंगलवार को कहा कि सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाया गया प्रतिबंध प्रश्न पत्र को लीक होने से नहीं रोकेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय भारत में ऐप के 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करता है, न कि उन लोगों को जो परीक्षा पत्र लीक करते हैं।
ड्यूरोव ने साथ ही आरोप लगाया कि रिलायंस समूह ने व्हाट्सऐप के साथ मिलकर भारत में ऐप पर प्रतिबंध के लिए शायद पैरवी की है।
हालांकि, दूरसंचार क्षेत्र के एक वरिष्ठ सूत्र ने इन आरोपों को ‘‘फर्जी खबर’’ करार दिया और कहा कि ड्यूरोव ने रिलायंस कम्युनिकेशंस तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बीच भ्रम पैदा कर दिया है।
भाषा निहारिका मनीषा
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