बरेली जिला प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाए; 1,033 ताजिया निकाले जायेंगे

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बरेली जिला प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाए; 1,033 ताजिया निकाले जायेंगे

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 01:13 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 01:13 PM IST

बरेली (उप्र), 17 जून (भाषा) बरेली में मुहर्रम जुलूस के सिलसिले में अपनी तैयारियां तेज करते हुए जिला प्रशासन ने शहर में लगभग 1,033 ताजिया के वास्ते सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आरक्षी और उप-निरीक्षकों समेत पुलिसकर्मी सुबह से ही इलाकों का दौरा कर रहे हैं तथा स्थानीय लोगों एवं आयोजकों को ताजिया जुलूस के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों को धार्मिक आयोजनों के दौरान उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि मुहर्रम के दौरान कोई नई परंपरा न डाली जाए और ताजिया की ऊंचाई जमीन से 12 फीट से अधिक न हो।

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि हर जुलूस मार्ग पर पुलिस, बिजली विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहें। अधिकारियों को पहले से मार्गों का निरीक्षण करने और ढीले बिजली के तारों, जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों और अस्थायी डिवाइडरों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए कहा गया है।

मुहर्रम का महीना मंगलवार को चांद दिखने के बाद शुरू हुआ, जिसमें शिया समुदाय के सदस्यों ने शोक मनाया और लोगों ने काले कपड़े पहने। कई स्थानों पर जुलूस और अलम (धार्मिक झंडे) भी निकाले गए।

मंगलवार रात गढ़िया मोहल्ले में इमामबाड़ा वसी हैदर और इमामबाड़ा हकीम आगा साहब से दो जुलूस निकाले गए, जो बाद में इमामबाड़ा मोहम्मद शाह पर समाप्त हुए।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और जुलूस के साथ चलने वाले ऊंचे झंडों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक (शहर) मानुष पारीक ने कहा कि स्थानीय आयोजकों के साथ बैठकें की जा रही हैं और पुलिस टीम यह सुनिश्चित करने के लिए लोगों के साथ समन्वय कर रही हैं कि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

प्रशासन ने मुहर्रम अवधि के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नगर निगम और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है।

मंगलवार को लखनऊ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मुहर्रम शोक और स्मरण का अवसर है तथा इसका इस्तेमाल शक्ति प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को स्थानीय हितधारकों के साथ अग्रिम समन्वय स्थापित करने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि हर जिले में कानून और व्यवस्था बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुहर्रम जुलूस के दौरान हथियारों या हथियारों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। शांति भंग करने या अव्यवस्था पैदा करने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।’

भारूाा सं जफर मनीषा राजकुमार

राजकुमार