टेसॉल्व की अमेरिका और भारत की दो कंपनियों के अधिग्रहण की योजना
टेसॉल्व की अमेरिका और भारत की दो कंपनियों के अधिग्रहण की योजना
नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेवा कंपनी टेसॉल्व के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रीनि चिनमिल्ली ने कहा है कि कंपनी अमेरिका और भारत की एक-एक कंपनी के अधिग्रहण के लिए बातचीत कर रही है।
उन्होने बताया कि कंपनी अगले तीन-चार साल में अपना सालाना राजस्व 50 करोड़ डॉलर (करीब 4,700 करोड़ रुपये) से अधिक करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
चिनमिल्ली ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम कुछ ऐसी कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिनके बारे में अभी घोषणा नहीं की गई है। हम अमेरिका की एक कंपनी और भारत की एक कंपनी के साथ बातचीत कर रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि इनमें से एक सौदा अगले कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है, जबकि दूसरे के चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
चिनमिल्ली ने कहा कि टेसॉल्व के ज्यादातर अधिग्रहण का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी क्षमताओं और भौगोलिक बाजारों को जोड़ना है, जो कंपनी के पास पहले से नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि टेसॉल्व के सबसे हालिया अधिग्रहण जर्मनी की चिप डिजाइन कंपनी ड्रीम चिप टेक्नोलॉजीज का राजस्व 2024 में अधिग्रहण के बाद से दोगुने से अधिक हो चुका है। टेसॉल्व ने नवंबर, 2024 में ड्रीम चिप में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी 400 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
चिनमिल्ली ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य अगले तीन-चार साल में 50 करोड़ डॉलर से अधिक का राजस्व हासिल करना है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य दुनिया की नंबर एक सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग समाधान कंपनी बनना है।
टेसॉल्व का राजस्व मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में बढ़कर 1,526 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 1,157 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। चिनमिल्ली ने कहा कि कंपनी इस लक्ष्य से आगे निकल जाएगी।
भाषा योगेश अजय
अजय

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