नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को घरेलू कपड़ा उद्योग से आग्रह किया कि वे भारत द्वारा अंतिम रूप दिए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से खुलने वाले 465 अरब डॉलर के बाज़ार में से लगभग 200 अरब डॉलर के निर्यात अवसरों का लाभ उठाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘भारत टेक्स 2026’ घरेलू कारोबारियों के लिए सबसे बड़े वैश्विक मंच के रूप में काम करेगा, क्योंकि यह फाइबर और धागे से लेकर कपड़े, परिधान, तकनीकी वस्त्र और टिकाऊ नवाचारों तक, पूरी कपड़ा मूल्य श्रृंखला को एक साथ लाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें एफटीए द्वारा प्रदान किए गए 465 अरब डॉलर के बाज़ार में से कम से कम 200 अरब डॉलर का हिस्सा हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए।’’
भारत ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ नौ एफटीए को अंतिम रूप दिया है।
मंत्री ने उद्योग से इस क्षेत्र के लिए मशीनों के निर्माण को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया, क्योंकि इस मामले में भारत अभी कमज़ोर है।
उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक फाइबर के मामले में मज़बूत है और आने वाले वर्षों में देश इनकी आपूर्ति के लिए एक वैश्विक केंद्र बन सकता है।
लिनन का आयात वर्ष 2021-22 में लगभग 21,000 टन से बढ़कर 60,000 टन हो गया है।
चार दिवसीय ‘भारत टेक्स 2026’ यहां भारत मंडपम में 14 जुलाई से शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी, कपड़ा क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय, टिकाऊ सोर्सिंग गंतव्य के साथ-साथ बड़े पैमाने पर निवेश गंतव्य के रूप में भारत की आकर्षण क्षमता की पुष्टि करती है।
इस तीसरे संस्करण में 3,500 से अधिक व्यावसायिक प्रदर्शकों, 140 से अधिक देशों के 7,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और 1,30,000 से अधिक व्यापारिक आगंतुकों के भाग लेने की उम्मीद है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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