मुंबई, 28 जुलाई (भाषा) पश्चिम एशिया में संकट कम होने के संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया लगातार तीसरे सत्र में मजबूती दर्शाता बंद हुआ। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे बढ़कर 95.82 पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के दबाव के बीच विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले डॉलर इंडेक्स के ऊंचे स्तर पर रहने के कारण स्थानीय मुद्रा की बढ़त सीमित रही।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 95.75 पर खुला और इसने 95.63 के दिन के उच्चतम स्तर को छुआ। इसके बाद यह पिछले बंद स्तर से 17 पैसे ऊपर 95.82 पर बंद हुआ।
सोमवार को रुपया 54 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 95.99 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि शुक्रवार के सत्र में इसमें 20 पैसे की बढ़त हुई थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुकने से रुपया मजबूत हुआ।
चौधरी ने कहा, ‘‘कारोबारी अमेरिका के उपभोक्ता विश्वास आंकड़े से संकेत ले सकते हैं। डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत के 95.35 से 96.05 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के सामने डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.06 प्रतिशत बढ़कर 101.47 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक कच्चा तेल मानक, ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.90 प्रतिशत टूटकर 86.68 डॉलर प्रति बैरल पर था।
विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका और ईरान लगातार तीसरे दिन एक-दूसरे के ठिकानों पर हमला करने से बचे और मध्यस्थों ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने में प्रगति की।
घरेलू शेयर बाज़ार में, सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत टूटकर 76,765.92 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत के नुकसान के साथ 23,985.35 अंक पर रहा।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध लिवाल रहे और उन्होने मंगलवार को शुद्ध आधार पर 755.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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