नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2025-26 में 94.53 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 2014-26 के दौरान कुल संचयी एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि 31 मार्च तक उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के चलते 2.40 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हुआ, 23.8 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन/बिक्री हुई और 15.2 लाख करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया। इसके साथ ही इन योजनाओं से 14.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार, दवा, चिकित्सा उपकरण, वाहन, आईटी हार्डवेयर और विशेष इस्पात जैसे क्षेत्रों को पीएलआई योजनाओं से काफी लाभ हुआ है।
‘मेक इन इंडिया’ अभियान की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोशल मीडिया पर गोयल ने पोस्ट किया, ”ये आंकड़े एक उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 94.53 अरब अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक एफडीआई प्रवाह दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 तक कुल संचयी एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर तक पहुंच गया।”
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत देश भर में नये औद्योगिक स्मार्ट शहर स्थापित किए जा रहे हैं।
भाषा पाण्डेय
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