बदलती प्रौद्योगिकी के बीच ‘इंटरनेट निरपेक्षता’ नियमों की समीक्षा का ट्राई से अनुरोध

बदलती प्रौद्योगिकी के बीच ‘इंटरनेट निरपेक्षता’ नियमों की समीक्षा का ट्राई से अनुरोध

बदलती प्रौद्योगिकी के बीच ‘इंटरनेट निरपेक्षता’ नियमों की समीक्षा का ट्राई से अनुरोध
Modified Date: August 3, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: August 3, 2026 10:17 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) दूरसंचार विभाग ने प्रौद्योगिकी एवं बाजार परिदृश्य में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए दूरसंचार नियामक ट्राई से ‘इंटरनेट निरपेक्षता’ (नेट न्यूट्रैलिटी) के मौजूदा नियमों की समीक्षा के लिए संपर्क साधा है। सोमवार को सूत्रों ने यह जानकारी दी।

इंटरनेट निरपेक्षता का मतलब इंटरनेट पर हर वेबसाइट, ऐप और सेवा के साथ बराबरी का व्यवहार करना है। इसमें दूरसंचार कंपनी किसी सामग्री को न तो जानबूझकर तेज कर सकती है, न धीमा, और न ही उसके लिए अलग से ज्यादा पैसे ले सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, दूरसंचार विभाग ने ट्राई से कहा है कि वह नई प्रौद्योगिकियों और नेटवर्क के बदलते इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए इन नियमों पर दोबारा विचार करे। खासकर 5जी प्रौद्योगिकी के आने से नेटवर्क को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर (जैसे किसी सेवा को ज्यादा तेज या कम देरी से देना) इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ गई है।

सूत्रों ने पीटीआई-भाषा से कहा कि दूरसंचार विभाग ने अपने संदर्भ में कहा है कि 2017 में ट्राई की सिफारिशों को लाइसेंस शर्तों में शामिल किए जाने के बाद से दूरसंचार क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और बाजार स्तर पर बड़े बदलाव हुए हैं। ऐसे समय में जरूरी है कि नियम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ नई प्रौद्योगिकी और नवाचार को भी बढ़ावा दें।

आज दूरसंचार क्षेत्र सिर्फ कॉल तक सीमित नहीं रहकर पूरी तरह डेटा पर आधारित हो चुका है। 4जी और 5जी सेवाओं के विस्तार, इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल और क्लाउड सेवाओं के कारण अब लोगों की जरूरतें और उम्मीदें भी बदल गई हैं।

हाल के दिनों में 5जी से जुड़ी कुछ प्रीमियम सेवाओं को लेकर यह बहस भी तेज हुई है कि क्या ऐसी सेवाएं इंटरनेट निरपेक्षता के सिद्धांतों के अनुरूप हैं या नहीं।

सूत्रों के मुताबिक, दूरसंचार विभाग का कहना है कि समय-समय पर समीक्षा से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भारत का नियामकीय ढांचा बदलती प्रौद्योगिकी के साथ कदम मिलाकर चल सके।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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