ट्राई ने ‘ट्रूकॉलर’ जैसे कॉल प्रबंधन ऐप पर कार्रवाई के लिए मेइटी से मांगी मंजूरी
ट्राई ने 'ट्रूकॉलर' जैसे कॉल प्रबंधन ऐप पर कार्रवाई के लिए मेइटी से मांगी मंजूरी
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दूरसंचार नियामक ट्राई ने स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल पर प्रभावी कार्रवाई के लिए ‘ट्रूकॉलर’ जैसे कॉल प्रबंधन ऐप की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) से मंजूरी मांगी है। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पहले ही अवांछित और फर्जी कॉल पर अंकुश लगाने के लिए नियमों का मसौदा जारी किया है। इसमें कॉल पहचान और प्रबंधन ऐप को नियमन के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, ट्रूकॉलर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ऋषित झुंझुनवाला ने इस कदम का विरोध किया है।
एक सूत्र ने कहा, ‘ट्राई ने स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कॉल प्रबंधन ऐप के संचालन को नियंत्रित करने को मेइटी से मंजूरी मांगी है। इस संबंध में दूरसंचार विभाग के साथ भी चर्चा हुई है। मंजूरी मिलने से ऐप और सेवा प्रदाता अवांछित कॉल के लिए अधिक जवाबदेह बनेंगे।’
ट्राई ने दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026 के मसौदे में कॉल प्रबंधन ऐप से जुड़े प्रावधान शामिल किए हैं।
प्रस्तावित नियमों के तहत किसी भी कॉल प्रबंधन ऐप या इसी तरह की सेवाओं को वास्तविक संचार के लिए की जाने वाली कॉल या संदेशों को गलत तरीके से चिह्नित करने, रोकने या उनमें बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, व्यावसायिक संचार के लिए निर्धारित नंबर श्रृंखला से आने वाली कॉल को प्रतिबंधित करने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है।
मसौदे में ट्राई ने टेलीमार्केटिंग कॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली 140 से शुरू होने वाली नंबर श्रृंखला और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं तथा बीमा कंपनियों (बीएफएसआई) से जुड़ी सेवा एवं लेनदेन संबंधी कॉल के लिए 1600 नंबर श्रृंखला से आने वाली कॉल को चिह्नित या अवरुद्ध करने का प्रस्ताव दिया है।
ट्रूकॉलर के सीईओ ऋषित झुंझुनवाला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि निर्धारित नंबर श्रृंखला का विचार कागज पर अच्छा लग सकता है, लेकिन 140 और 1600 श्रृंखला से स्पैम कॉल में भारी वृद्धि हुई है।
भाषा योगेश अजय
अजय

Facebook


