नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सोमवार को कहा कि यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) को समर्थन देने को लेकर 2026-27 के बजट में 2,000 करोड़ रुपये के प्रावधान से इसके जरिये मुफ्त में लेन-देन बना रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों की गड़बड़ी के कारण साइबर धोखाधड़ी तीन प्रतिशत से भी कम है और लोगों की सतर्कता से इस समस्या से निपटा जा सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में लोकप्रिय डिजिटल भुगतान ऐप यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी की घोषणा की है। यह 2025-26 में संशोधित अनुमान के अनुसार 2,196 करोड़ रुपये थी।
नागराजू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यूपीआई को समर्थन देने को लेकर 2026-27 के बजट में 2,000 करोड़ रुपये के प्रावधान का मतलब है कि इसके जरिये मुफ्त में लेन-देन जारी रहेगा।’’
साइबर धोखाधड़ी से जुड़े एक सवाल के जवाब में नागराजू ने कहा, ‘‘बैंकों की गड़बड़ी के कारण साइबर धोखाधड़ी तीन प्रतिशत से भी कम है और लोगों की सतर्कता से इस समस्या से निपटा जा सकता है।’’
विकसित भारत के लिए बैंकों के लिए बजट में उच्च अधिकार प्राप्त समिति के गठन के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘अभी समिति के कामकाज के नियम एवं शर्तें तैयार की जाएंगी। उसके बाद समिति का गठन किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद समिति के जरिये एक खाका तैयार करना है कि आखिर कैसे बैंकों को विकसित भारत के लिए तैयार किया जाएगा।
नागराजू ने कहा, ‘‘अभी बैंकों में एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) कम है, लाभ अच्छा है। हम मजबूत और बेहतर बैंक की स्थिति में हैं।’’
बड़े बैंकों के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘हमारे जैसे देश के लिए हमें तीन से चार बड़े बैंकों की आवश्यकता है।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है ताकि उनकी पूंजी आधार को मजबूत किया जा सके।’’
नागराजू ने कहा, ‘‘हम अभी भी इस पर विचार कर रहे हैं और एफडीआई सीमा को 49 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए मंत्रालयों के बीच परामर्श जारी है।’’
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और निजी क्षेत्र के बैंकों में एफडीआई की सीमा क्रमशः 20 प्रतिशत और 74 प्रतिशत है।
निजी क्षेत्र के बैंकों में 49 प्रतिशत तक एफडीआई की स्वत: मंजूर मार्ग से अनुमति है। 49 प्रतिशत से अधिक और 74 प्रतिशत तक के लिए सरकार की अनुमति जरूरी होती है।
बड़े बैंकों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को 3-4 बड़े ऋणदाताओं की आवश्यकता होगी। नागराजू ने कहा, ‘‘हमारे जैसे देश के लिए हमें 3-4 बड़े बैंकों की आवश्यकता है।’’
भाषा रमण अजय
अजय
अजय