ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री से चर्चा, जल्द समाधान की उम्मीदः गडकरी

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ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री से चर्चा, जल्द समाधान की उम्मीदः गडकरी

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 07:13 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) दिल्ली-एनसीआर में 21 मई से ट्रांसपोर्टर हड़ताल की घोषणा के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से चर्चा की है और इसका जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

ट्रांसपोर्टर संगठन एआईएमटीसी ने दिल्ली में वाणिज्यिक वाहनों पर बढ़ाए गए पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिभार (ईसीसी) और बीएस-4 या उससे पुराने वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध के विरोध में तीन दिन के लिए हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।

अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के बैनर तले दिल्ली-एनसीआर के 68 से अधिक ट्रांसपोर्ट संगठन तीन दिन तक अपने परिचालन बंद रखेंगे। यह निकाय देशभर में 95 लाख ट्रक चालकों और 26 लाख निजी बस, टैक्सी और मैक्सी कैब संचालकों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है।

गडकरी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इस हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से चर्चा की है। हम जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाल लेंगे।’’

एआईएमटीसी ने इस हड़ताल के आह्वान के लिए केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और दिल्ली सरकार की ‘अन्यायपूर्ण और मनमानी’ नीतियों को जिम्मेदार बताया है।

दिल्ली सरकार ने पिछले महीने वाणिज्यिक वाहनों पर ईसीसी में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ हर साल पांच प्रतिशत शुल्क वृद्धि का भी निर्णय लिया था। हल्के वाणिज्यिक वाहनों एवं दो-एक्सल ट्रक पर 19 अप्रैल से शुल्क को 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये और तीन-एक्सल एवं भारी वाहनों पर 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दिया गया है।

ट्रांसपोर्टर निकाय का कहना है कि इन उपायों से परिवहन क्षेत्र और उससे जुड़े लोगों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है।

संस्था ने आरोप लगाया कि ईसीसी दिल्ली आने वाले सभी मालवाहक वाहनों पर लगाया जा रहा है, जबकि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप इसे केवल ट्रांजिट वाहनों पर लागू किया जाना चाहिए।

उसने कहा कि आवश्यक वस्तुओं को लेकर आने वाले और खाली लौटने वाले वाहनों के साथ बीएस-4 जैसे स्वच्छ वाहनों पर भी यह उपकर लगाया जा रहा है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय