ईपीएफओ सदस्यों को जल्द मिलेगी यूपीआई से पैसा निकालने की सुविधा, परीक्षण पूरा

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ईपीएफओ सदस्यों को जल्द मिलेगी यूपीआई से पैसा निकालने की सुविधा, परीक्षण पूरा

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 07:30 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 07:30 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारक जल्द ही यूपीआई के जरिये कर्मचारी भविष्य निधि से पैसा निकाल कर सीधे अपने बैंक खातों में अंतरित कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान गेटवे के जरिये कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से पैसा निकालने के लिए परीक्षण का काम पूरा हो चुका है।

मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि ईपीएफओ सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न पहल कर रहा है।

मांडविया ने कहा, ‘‘हमने यूपीआई भुगतान गेटवे का उपयोग करके ईपीएफ से पैसा निकालने की सुविधा देने को लेकर परीक्षण कार्य पूरा कर लिया है। इस सुविधा के तहत निकाली गई राशि सीधे सदस्य के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी।’’

श्रम मंत्रालय एक ऐसी परियोजना पर काम कर रहा है जिसके तहत ईपीएफ के एक निश्चित हिस्से पर रोक रहेगी और एक बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके उनके बैंक खाते के माध्यम से निकाला जा सकेगा।

सदस्य अपने लिंक किए गए बैंक खातों में पैसा अंतरित करने के लिए उपलब्ध पात्र ईपीएफ राशि देख सकेंगे।

वे अपने बैंक खातों में सुरक्षित रूप से धन अंतरण सुनिश्चित करने के लिए लेनदेन पूरा करने को लिंक किए गए यूपीआई पिन का उपयोग कर सकेंगे।

एक बार बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित हो जाने के बाद, सदस्य एटीएम से निकासी समेत अपनी इच्छानुसार इसका उपयोग कर सकते हैं।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इस प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहा है। इससे सात करोड़ से अधिक अंशधारकों को लाभ होगा।

वर्तमान में, ईपीएफओ सदस्यों को अपने ईपीएफ खाते तक पहुंचने के लिए निकासी दावों के लिए आवेदन करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है।

स्वचालित निपटान प्रणाली के तहत, निकासी दावों का निपटान आवेदन पत्र जमा करने की तिथि से तीन दिन के भीतर बिना किसी ‘मैन्युअल’ हस्तक्षेप के इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो जाता है। स्वचालित निपटान प्रणाली की सीमा को मौजूदा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।

इससे बड़ी संख्या में ईपीएफओ सदस्यों को बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास जैसे उद्देश्यों के लिए तीन दिन के भीतर अपने ईपीएफ से पैसे प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।

मंत्री ने बताया कि ईपीएफओ ने सदस्यों तक पहुंच बढ़ाने और सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए व्हॉट्सएप का उपयोग करने की पहल की है।

इस सुविधा के तहत, सदस्य ईपीएफओ के पंजीकृत व्हॉट्सएप नंबर पर ‘हेलो’ लिखकर संदेश भेज सकते हैं। सुरक्षा और आश्वासन के लिए इस नंबर पर हरे रंग का निशान लगा होता है।

वे ईपीएफओ से अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी संदेश प्राप्त कर सकते हैं।

सभी संचार स्थानीय भाषा में होगा, जिससे सदस्यों को अपनी भाषा में ईपीएफओ से जुड़ने में अधिक सुविधा मिलेगी। सदस्यों को चौबीसों घंटे व्हॉट्सएप की सुविधा मिलेगी और स्वचालित प्रणाली चौबीसों घंटे बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों का समाधान कर सकती हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि ईपीएफओ ने मुकदमेबाजी को कम करने और विभिन्न कानूनी मंचों पर लंबित मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रित, मिशन-मोड पहल शुरू की है।

उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष मिशन मोड अभियान शुरू किया गया है।

‘निधि आपके निकट (एनएएन)’ कार्यक्रम के तहत, मामलों की पहले से पहचान की गई और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया।

मंत्री ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, लंबित उपभोक्ता मामलों की संख्या घटकर 31 मार्च, 2026 को 2,646 रह गई जो एक अप्रैल, 2024 को 4,936 थी।

भाषा रमण अजय

अजय