Travel insurance
Travel insurance: आप कभी ना कभी तो ट्रेन से यात्रा करते होंगे। कभी कभी ये यात्राऐ लंबी दूरी की भी होती हैं। लेकिन क्या आपको जानते हैं किसी भी तरह की दुर्घटना के लिए रेलवे अपने यात्रिंयों को एक इंश्योरेंस सुविधा भी देता हैं। जिसको अधिकतर लोग मिस करके चले जाते हैं। जिसका नतीजा ये होता हैं। जब रेल दुर्घटना या फिर अन्य घातक परिस्थिति में फस कर घायल होते हैं। तो उनको कोई लाभ नहीं मिल पाता हैं। लेकिन हम आपको जानकारी के अभाव में होने वाली इस गलती से बचा कर जानकारी दे रहे हैं।
Travel insurance आज से दौर में दो तरह से रेलवे की टिकट बुक की जाती हैं। जिनमें एक है ऑनलाइन और दूसरी हैं, ऑफलाइन। यदि आप घर बैंठे रेलवे के ऐप से टिकट बुक कर रहे हैं। तो आपको देखना होगा कि आपके टिकट के टोटल अमाउंट में इश्योरेंस जुड़ा हुआ है या नहीं, नहीं तो टिकट बुक करते समय जो इंश्योरेंस का ऑप्शन दिखता हैं वहां से आपको टिकट बुक कर देना हैं। जिसके बाद आपका यात्रा का इश्योरेंस हो जाएगा। लेकिन यदि आप रेलवे काउंटर से टिकट ले रहे हैं तो आपको यह पता करना होगा कि आपके टिकट को बुक करते समय इश्योरेंस का ऑप्शन सलेक्ट किया गया हैं। या नहीं यदि नहीं तो काउंटर पर टिकट देने वाले व्यक्ति से आपको वो ऑप्सन सलेक्ट करने की मांग कर सकते हैं।
Travel insuranceयदि आपने रेलवे के इंश्योरेंस में अप्लाई कर दिया है लेकिन, कभी किसी कारण बस रेल दुर्घना हो जाती हैं। जिसके कारण टिकट के धारक की जान चली जाती हैं। तो रेलवे आपको 10 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस पे करेगा। लेकिन यदि आपको चोल लग जाती हैं। जिलकी वजह से कोई अंग आपका काम करना बंद कर दे तो भी आपको 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस पे किया जाएगा। लेकिन चोट लगने के बाद आपको आंशिक विकलांगता सिर्फ 750000 रुपये का इंश्योरेंस दिया जाएगा। लेकिन यदि आप घायल हो जाते हैं तो 2 लाख रुपये तक इश्योरेंस दिया जाएगा। मामूली चोट लगने पर आपको 10 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।