मुंबई, 26 मई (भाषा) उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 479 अंक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी में 118 अंक की गिरावट आई। ईरान के दक्षिणी भाग में अमेरिकी हमले की रिपोर्ट के बाद कच्चे तेल के दाम में आई तेजी के बीच बाजार में गिरावट आई।
कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा रुपये में गिरावट के बीच वित्तीय और बैंक शेयरों में बिकवाली से भी बाजार नुकसान में रहा।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 479.26 अंक यानी 0.63 प्रतिशत टूटकर 76,009.70 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय इसमें 579.28 अंक की गिरावट आई और यह 75,909.68 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 118 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,913.70 अंक पर बंद हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों की खबरों के बाद अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद कम हुई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और रुपये में कुछ समय की तेजी के बाद फिर से गिरावट देखने को मिली।’’
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, ट्रेंट, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, टाइटन और एचडीएफसी बैंक में प्रमुख रूप से गिरावट रही।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, इटर्नल, मारुति और अदाणी पोर्ट्स शामिल हैं।
मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.27 प्रतिशत और छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.26 प्रतिशत की बढ़त में रहे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि विमानन, पेंट, रसायन, लॉजिस्टिक और सीमेंट जैसे ईंधन-गहन क्षेत्रों में कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहने पर पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.93 प्रतिशत चढ़कर 98.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत ‘अच्छी तरह’ आगे बढ़ रही है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि तेहरान द्वारा अपने सर्वोच्च नेता से परामर्श करने के लिए उपयोग किए जाने वाले जटिल संचार नेटवर्क के कारण अंतिम निर्णय में कुछ समय लग सकता है।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के. ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अनुकूल वैश्विक संकेतों के बीच बाजार में शुरू में स्थिरता देखी गई। हालांकि, ईरान पर अमेरिकी हमलों की खबरों के बाद बाजार का माहौल तेजी से बिगड़ गया। इससे पश्चिम एशिया में निकट भविष्य में तनाव कम होने की उम्मीदें कम हुई हैं। पश्चिम एशिया में माहौल अचानक बदलने से वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की आक्रामक रणनीति को बढ़ावा मिला और ऊर्जा आपूर्ति फिर से बाधित होने की आशंका बढ़ गई।’’
उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल एक बार फिर भारतीय शेयर बाजारों के लिए एक प्रमुख दबाव बिंदु बन गया है।
हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘भारत जैसी तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आयातित मुद्रास्फीति, मुद्रा दबाव और बढ़ते राजकोषीय तनाव को लेकर चिंताओं को तुरंत बढ़ा देती हैं।’’
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में ज्यादातर में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को ‘मेमोरियल डे’ के मौके पर बंद थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 821.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
सेंसेक्स सोमवार को 1,073.61 अंक बढ़कर 76,488.96 अंक पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 312.40 अंक की तेजी के साथ 24,031.70 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
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