UPI Charges Rule | Photo Credit: IBC24
नई दिल्ली: UPI Charges Rule UPI के जरिए पेमेंट करने वालों के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। केंद्र सरकार ने UPI से पेमेंट करने वालों को बड़ी राहत दी है। (UPI payment charges) सरकार ने साफ कर दिया है कि 2000 रुपये तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चार्ज नहीं लगा सकते। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना (Finance Ministry UPI notification) के अनुसार, रुपे डेबिट कार्ड और 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन को आधिकारिक रूप से ‘इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम’ के रूप में अधिसूचित किया गया है।
UPI payment latest news अधिसूचना में कहा गया है कि कोई भी बैंक या भुगतान प्रणाली संचालक इन माध्यमों से भुगतान करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रकार का शुल्क नहीं वसूल सकता। सरकार ने यह फैसला पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले संभावित शुल्कों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को दूर करना है।
इतना ही नहीं बल्कि सरकार ने ये भी साफ कर दिय है कि आम ग्राहकों को UPI के इस्तेमाल करने पर कोई ट्रांजैक्शन फीस नहीं देना होगी। ऐसे में आम जनता जो हर रोज यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करती है, उन्होंने राहत की सांस ली है।
वित्त मंत्रालय की ओर से अधिसूचना से छोटे छोटे पेमेंट करने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। यानी अगर कोई ग्राहक UPI से 2000 रुपये तक का पेमेंट करता है, तो बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर उससे सीधे या किसी दूसरे तरीके से ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं वसूल सकता। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई 2026 में UPI के जरिए 2366 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये थी।
As per section 10A of the Payment and Settlement Systems Act, 2007 (51 of 2007), the Central Government prohibits banks and system providers from imposing, directly or indirectly, any charges on a person making or receiving payments using debit cards powered by RuPay and UPI… pic.twitter.com/PjND7CJepA
— ANI (@ANI) September 14, 2026